कई अध्ययनों में स्पष्ट हो चुका है कि आहार, हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि आहार का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही प्रभाव पड़ता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हम जिस तरह का भोजन करते हैं, वह हमारे मूड और मानसिक स्वास्थ्य के निर्धारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो अगर आपका मूड अक्सर खराब रहता है, आपको कुछ भी अच्छा नहीं लगता या ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं तो एक बार अपने आहार में बदलाव के बारे में जरूर विचार करें।
विशेषज्ञों की चेतावनी: ऐसी चीजों का अधिक सेवन छीन सकती हैं आपकी 'खुशियां', समय रहते बना लें इनसे दूरी
ग्लूटेन वाली चीजें
आमतौर पर जिन लोगों को ग्लूटेन एलर्जी की समस्या होती हैं, उन्हें ग्लूटेन का सेवन न करने की सलाह दी जाती है, पर क्या आप जानते हैं कि ग्लूटेन का अधिक सेवन मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों ने ग्लूटेन और खराब मानसिक स्वास्थ्य के संबंध के बारे में बताया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ दैनिक आहार में ग्लूटेन के सेवन को सीमित करने की सलाह देते हैं। गेहूं, पास्ता आदि में ग्लूटेन की मात्रा अधिक होती है।
ऐडेड शुगर वाली चीजें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा मीठी चीजें न केवल डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देती हैं साथ ही यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी नहीं मानी जाती हैं। ज्यादा चीनी या ऐडेड शुगर वाली चीजों का अधिक सेवन करने से आंत के माइक्रोबायोम में असंतुलन हो सकता है जो मूड को काफी हद तक प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए चीनी के सेवन को कम करना सुनिश्चित करें।
प्रोसेस्ड फूड
कई अध्ययनों में प्रोसेस्ड फूड के अधिक सेवन को सेहत के लिए विशेष नुकसानदायक बताया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, प्रोसेस्ड फूड के अधिक सेवन से चिंता, उदासी और अवसाद जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं, ऐसे में अगर आपको भी मूड संबंधी समस्या रहती हैं तो इन खाद्य पदार्थों से दूरी बना लेना बेहतर माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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