अध्ययनों से प्रमाणित होता है कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी लोगों को रोजाना रात में 7-9 घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए। नींद, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर नींद प्राप्त करने के लिए आपको अपना आहार स्वस्थ रखना चाहिए। हम जिस तरीके का भोजन करते हैं, वह हमारी संपूर्ण कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण ही लोगों को नींद से संबंधित तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों की सलाह: रात में चाहते हैं अच्छी नींद तो सोने से पहले इन चीजों का सेवन है फायदेमंद
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शहद का सेवन
शहद को वर्षों से सेहत के लिए बेहद फायदेमंद औषधि के रूप में सेवन किया जाता रहा है। कुछ लोग इसका सेवन चीनी के विकल्प के रूप में भी करते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि शहद में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। सोने से पहले शहद का सेवन करना नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में फायदेमंद हो सकता है। एक गिलास गर्म पानी या दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पी सकते हैं।
रात में पीजिए दूध
हम में से ज्यादातर लोग अक्सर रात के समय दूध पीते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व, हड्डियों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि रात में दूध पीने से नींद की गुणवत्ता में भी सुधार आता है? कई अध्ययनों में साबित हो चुका है कि नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए रोज रात में दूध का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। सोने से पहले गर्म दूध का सेवन तनाव और चिंता को कम करने में भी सहायता करता है।
फैटी फिश
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, डिनर में सीफूड खाने से आपकी नींद में फायदा हो सकता है। फैटीफिश जैसे सैल्मन, मैकेरल, एन्कोवी आदि ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक समृद्ध स्रोत होती हैं जो मूड-बूस्टिंग गुणों के लिए जानी जाती है। नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में यह काफी सहायक हो सकती हैं। रात के खाने में फैटी फिश को शामिल करना विशेष लाभदायक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।