मानसिक रोग, मौजूदा समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक हैं। विशेषकर कोरोनाकाल में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं में काफी इजाफा हुआ है। कोरोना के कारण अधिकांश लोगों में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को इस तरह से प्रभावित किया है कि आने वाले कुछ सालों तक इसका असर बने रहने की आशंका है।
सावधान: इस तरह के खाद्य पदार्थ मानसिक स्वास्थ्य के लिए हो सकते हैं बेहद नुकसानदायक, करें परहेज
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बढ़ सकता है खतरा
मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरह के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए आहार विशेषज्ञ सभी लोगों को रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों से परहेज करने की सलाह देते हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का ज्यादा सेवन हृदय के रोग, मधुमेह या मोटापे के जोखिम को बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य संगठनों द्वारा किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने वालों में चिंता और अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। सभी लोगों को सफेद आटा, सफेद ब्रेड, कन्फेक्शनरी उत्पाद, पास्ता आदि का सेवन कम से कम करना चाहिए।
एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थ
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, मीठे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव का कारण बनने के साथ ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करते हैं। कई लोगों में ऐसे खाद्य पदार्थ मूड संबंधी समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं। ऐसे में उन सभी खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए जिसमें एडेड शुगर की मात्रा अधिक हो। संरक्षित फलों के रस, जैम, कैचप और सॉस ऐसे ही खाद्य पदार्थों का श्रेणी में आते हैं। इनका ज्यादा समय तक सेवन करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
न करें कैफीन का ज्यादा सेवन
सामान्यतौर पर माना जाता है कि कैफीन युक्त पेय, तनाव और चिंता जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं, हालांकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उल्टा है। कैफीन युक्त पेय हमारे स्लीप साइकिल को प्रभावित कर देते हैं जो चिंता, अनिद्रा जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। कैफीन का हल्का सेवन हानिरहित माना जाता है लेकिन अगर आप इसका दिन में बहुत अधिक सेवन करते हैं तो यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। ध्यान रहे, सामान्य चाय, कुछ तरह के चॉकलेट और यहां तक कि फ्लेवर्ड केक में भी कैफीन होता है।
सोडियम की मात्रा घटाएं
डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाने का असर किडनी और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम पर पड़ सकता है। यह मूड संबंधी विकारों, अवसाद या यहां तक कि गंभीर थकान को भी जन्म दे सकता है। नमक के ज्यादा सेवन के कारण मानसिक समस्याओं को साथ रक्तचाप में वृद्धि जैसी दिक्कतों का भी खतरा हो सकता है। ऐसे में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भोजन में नमक की मात्रा को कम रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्र की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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