आप कितने स्वस्थ हैं, शरीर के भीतर सबकुछ ठीक चल रहा है या नहीं? इसका अंदाजा रोजाना दिखने वाले संकेतों की मदद से आसानी से लगाया जा सकता है। असल में हमारा शरीर खुद इस बारे में इशारा करता रहता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को त्वचा, नाखून, जीभ में दिखने वाले बदलावों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
जानना जरूरी: क्या आपके पेशाब में भी दिख रहा है झाग? कहीं ये किडनी की बीमारी का संकेत तो नहीं
पेशाब में कभी-कभार झाग आना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार झाग आना पेशाब में प्रोटीन लीक होने का संकेत हो सकता है। इसे एल्ब्यूमिनयूरिया कहा जाता है और यह किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकता है।
पेशाब की समस्याओं का किडनी से संबंध
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, किडनी हमारे खून को छानकर शरीर से बेकार पदार्थ और अतिरिक्त पानी को पेशाब के रास्ते बाहर निकालती है। स्वस्थ किडनी खून में मौजूद प्रोटीन को पेशाब में जाने से रोकती है।
- लेकिन किडनी के फिल्टर करने की क्षमता में कोई गड़बड़ी होने पर प्रोटीन पेशाब में आने लग सकता है।
- इसे प्रोटीनयूरिया या एल्ब्यूमिनयूरिया कहा जाता है।
- पेशाब में ज्यादा प्रोटीन आने से पेशाब झागदार दिखाई दे सकता है।
हालांकि झागदार पेशाब को देखकर तुरंत इसे किडनी की बीमारी मान लेने सही नहीं है। आइए जान लेते हैं कि कब आपको सावधान हो जाना चाहिए?
हर बार झाग दिखे तो न हों परेशान
यूरोलॉजिस्ट डॉ पंकज कुमार बताते हैं, पेशाब में कभी-कभार बुलबुले या हल्का झाग दिखना कोई गंभीर समस्या या किडनी की बीमारी नहीं है।
- पेशाब की तेज धार से गिरने, पानी की कमी या टॉयलेट में मौजूद कुछ पदार्थों की वजह से भी ऐसा दिखाई दे सकता है। इसलिए सिर्फ एक-दो बार झाग देखकर घबराने की जरूरत नहीं है।
- लेकिन अगर पेशाब में बार-बार और लगातार झाग दिखाई देता है और ये लंबे समय तक बना रहता है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कब हो जाएं अलर्ट?
डॉक्टर कहते हैं, किडनी के फिल्टर की क्षमता में गड़बड़ी में पेशाब में प्रोटीन आने लगता है। इसे एल्ब्यूमिनयूरिया कहते हैं और कई बार ये किडनी के डैमेज होने का संकेत भी हो सकता है। इसके साथ अगर आपको पैरों-टखनों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन या ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्या हो तो इसे टालना नहीं चाहिए।
किडनी की बीमारी कई बार शुरुआती दौर में बहुत कम या कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देती। इसलिए केवल लक्षण आने का इंतजार करना समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या परिवार में किडनी फेलियर की हिस्ट्री है, उन्हें इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
किडनी में गड़बड़ी का पता कैसे लगाएं?
अगर आपको भी झागदार पेशाब की समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से इसकी सलाह लें। आपकी स्थिति और हिस्ट्री को देखते हुए डॉक्टर यूएसीआर टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
यूएसीआर यानी यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो टेस्ट पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा को क्रिएटिनिन के मुकाबले मापता है। सामान्य तौर पर यूएसीआर 30 मिलीग्राम प्रति ग्राम या उससे कम होना सामान्य माना जाता है, जबकि 30 मिलीग्राम प्रति ग्राम से ज्यादा किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा खून में क्रिएटिनिन की जांच और ईजीएफआर किडनी की फिल्टर करने की क्षमता का पता चल सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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