हर कोई अपने फिटनेस व लुक को लेकर जागरुक हो गया है। इस तैजी से भागदौड़ की जिंदगी में हर कोई फिट दिखना चाहता है, अपने लुक में निखार लाना चाहता है और इसके लिए अपने बिजी शेड्यूल में से समय निकालकर जिम की ओर भाग रहे हैं। ताकि हमरे पर्सनालिटी में निखार आ सके। इसका फायदा फिटनेस के बाजार ने बखूबी उठाया है।जिसमें सबसे ज्यादा टीवी, मैगजीन और सोशल मीडिया के जरिए हेल्दी डाइट, वजन कम करने वाली दवाओं और फिट रहने के तमाम चीजें देखने को मिलती हैं। आजकल के युवाओं में फिटनेस का मतलब सिक्स पैक एब्स तक रह गया है जबकि ऐसा नहीं है।
7 हजार करोड़ का है हेल्थ मार्केट, जानिए इंडिया में फिट रहने के लिए क्या कर रहे हैं लोग?
भारत में एरोबिक्स, मार्शल आर्ट्स, किकबॉक्सिंग, क्रॉस फंक्शनल और बॉडी वेट ट्रेनिंग युवाओं की फिटनेस रेजिम का हिस्सा है। वही हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग, पिलाटे, एक्वा फिटनेस और बॉडी कमबैट के बारे में लोगों को कम जानकारी है। क्रॉलिंग वर्कआउट और टीआरएक्स सस्पेंशन नई एक्सरसाइज हैं जो लोगों के फिटनेस रेजिम का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन इन्हें जानने और सीखने की ललक उनमें बरकरार है।
तेजी से हो रही ग्रोथ
सिक्स पैक एब्स की चाहत अब केवल शहरों में रह रहे युवाओं की ही नहीं बल्कि दूर-दराज गांवों में रहने वाले युवाओं को भी है। ऐसे में जिम आउटलेट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर साल फिटनेस मार्केट में 16 से 18 प्रतिशत की ग्रोथ होती है। उच्च वर्ग के लोगों के अलावा मध्यमवर्गीय परिवारों में भी जिम मेंबरशिप, फिटनेस ऐसेसरीज और इससे संबंधित अन्य प्रोडक्ट्स पर खर्च करने का क्रेज बढ़ा है।
फ्रेंचाइजी कमाई में आगे
अब वो वक्त आ गया है जब अपने फिगर को मेंटेन करने के साथ ही हेल्दी रहने और कम उम्र में हो रही गंभीर बीमारियों से बचने के लिए भी लोग हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना रहे हैं। इसी वजह से लगभग हर बड़े और छोटे शहरों में फिटनेस स्टूडियो और योगा सेंटर्स की भरमार देखने को मिलती है। बड़े शहरों के फिटनेस स्टूडियो में वीआईपीज सिर्फ अपने परिवार के साथ या अकेले एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। वे अपने लिए लग्जीरियस स्पेस के अलावा महंगे फिटनेस उपकरण की मुंहमांगी कीमत देने को तैयार रहते हैं। मेट्रो शहरों में स्थापित आलीशान जिम ही नहीं बल्कि अन्य शहरों में इन जिम की फ्रेंचाइजी भी कमाई के मामले में आगे है।
लोगों को लुभाने के लिए ऑफर्स
प्राइस वाटर कूपर्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्लिमिंग सर्विस सेगमेंट में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दरअसल फिटनेस बाजार में बूम की शुरुआत 90 के दशक में हुई। तब से अब तक एक्सरसाइज के अलावा ब्यूटी, एंटी एजिंग ट्रीटमेंट और हेल्दी डाइट के नाम पर हर महीने का खर्च मध्यम वर्गीय परिवार भी करने लगे हैं। इस क्षेत्र के प्रति लोगों का रुझान देखते हुए फिटनेस आंत्रप्रेन्योर ने जिम के छोटे कमरे का मेकओवर मॉडर्न और लग्जीरियस हेल्थ क्लब में किया है। जहां पर्सनल ट्रेनर लोगों को हर स्टेप्स पर ट्रेनिंग देते हुए दिखाई देते हैं। यहां लोगों को लुभाने के लिए मेंबरशिप पास जैसे ऑप्शंस भी दिए जाते हैं ताकि अधिक से अिधक लाेग जिम में आ सकें। लोगों की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए जिम से लेकर फिटनेस स्टूडियो यहां तक कि फिटनेस कोच और डायटीशियन आपके स्मार्टफोन पर क्लिक करते हुए आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। फिटनेस मार्केट को बढ़ावा देने में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल होटल चैन्स द्वारा अपने कस्टमर को दिए गए आॅफर्स जैसे हेल्थ क्लब फैमिली मेंबरशिप भी खास भूमिका अदा कर रही है।
60% लोग भारत में एक हफ्ते में चार घंटे से ज्यादा समय एक्सरसाइज को देते हैं।