क्या आप भी ऑफिस में अक्सर झपकी या नींद आने की समस्या से परेशान रहते हैं? अगर हां तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिका में एक कर्मचारी-आधारित स्वास्थ्य संस्थान ने 1,139 कर्मचारियों पर एक अध्ययन किया जिसमें पाया गया कि कम से कम 15% लोग इस समस्या से परेशान हैं।
जानना जरूरी: ऑफिस में अक्सर आती रहती है नींद, ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं?
कुछ रोगों के कारण हो सकती है ये दिक्कत
स्लीप फाउंडेशन में प्रकाशित एक मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ बीमारियों के कारण भी आप दिन के समय में अधिक नींद आने या बार-बार झपकी आने का अनुभव कर सकते हैं। कुछ मेडिकल कंडिशन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकारों को इसका कारण माना जा सकता है।
अवसाद-चिंता, सिजोफ्रेनिया, ल्यूपस, पार्किंसंस रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस और हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्याएं हैं जो आपमें इस रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग
न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे नार्कोलेप्सी एक ऐसी समस्या है जिसके कारण भी आपको दिन के समय नींद आने की दिक्कत महसूस हो सकती है। नार्कोलेप्सी में हमारा मस्तिष्क सोने-जागने के चक्र को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता है। यही कारण है कि नार्कोलेप्सी की समस्या वाले लोगों को अधिक या असमय नींद आती रहती है।
इसके अलावा अधिक उम्र वाले लोगों में डिमेंशिया या पार्किंसंस रोगों के कारण भी दिन में अधिक नींद आने की समस्या हो सकती है।
आहार में गड़बड़ी भी हो सकती है इसक कारण
यदि आप दिन में बार-बार नींद आने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसका एक कारण दोपहर में हैवी लंच लेना भी हो सकता है। मीठे स्नैक्स, सोडा, व्हाइट ब्रेड और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें खाने से भी आपको अधिक नींद आती है। अपनी ऊर्जा बरकरार रखने के लिए दोपहर का खाना हल्का खाएं।
स्वस्थ और पौष्टक चीजों से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहेगा साथ ही आपकी ऊर्जा का स्तर ठीक रहेगा और नींद भी कम आएगी।
नींद को भगाने के लिए क्या करें?
ऑफिस में यदि बार-बार नींद आती है तो इससे छुटकारा पाने के लिए हल्की मात्रा में कैफीन वाली चीजों का सेवन कर सकते हैं। कैफीन एक उत्तेजक है, जिसका अर्थ है कि यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र में गतिविधि बढ़ाता है। कॉफी-चाय से नींद को दूर भागती है। इसके अलावा बहुत देर तक एक ही स्थान पर बैठे रहने से भी अधिक नींद आती है।
समय-समय पर अपनी जगह से उठने और इधर-उधर घूमने से रक्त का प्रवाह बढ़ता होता है और शरीर की सुस्ती दूर होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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