लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई तरह की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। कम उम्र में ही लोग शुगर-बीपी का शिकार हो रहे हैं, जिसका असर शरीर के जरूरी अंगों पर भी पड़ता देखा जा रहा है। यही कारण है कि युवा आबादी तेजी से किडनी की समस्याओं का शिकार होती जा रही है।
सेहत की बात: उम्र बढ़ने की समस्याओं जैसे लग सकते हैं किडनी की बीमारी के ये लक्षण, न करें इग्नोर
किडनी की बीमारी शुरुआती दौर में अक्सर बिना लक्षण के रहती है। लगातार कमजोरी, सूजन, पेशाब में बदलाव, भूख कम होना, मितली या सांस फूलना कुछ संकेत हो सकते हैं, लेकिन इनके कई दूसरे कारण भी हैं। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर वालों को नियमित किडनी जांच के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी स्वस्थ रहे और आपको इससे संबंधित कोई दिक्कत न हो इसके लिए लाइफस्टाइल और खान-पान दोनों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। किडनी की बीमारी का खतरा डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों में ज्यादा होता है। ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। अगर शरीर में कुछ असामान्य लक्षण दिख रहे हैं, तो इसे अनदेखा न करें।
लगातार थकान और कमजोरी
किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में अपशिष्ट जमा होने लगते हैं। कई लोगों में किडनी की बीमारी से एनीमिया भी हो सकता है। लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन में कमी के कारण थकान और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यही वजह है कि लंबे समय से बनी कमजोरी को सिर्फ उम्र की समस्या समझकर टालना ठीक नहीं।
- थकान के वैसे कई अन्य कारण हो सकते हैं लेकिन लगातार कमजोरी के साथ डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर हो तो किडनी की जांच जरूर करा लें।
पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन दिखना
किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल निकालने में मदद करती है। जब उसकी कार्यक्षमता कम होती है तो शरीर में तरल जमा हो सकता है। इससे पैरों में सूजन और कुछ मामलों में सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है।
- अगर चेहरे पर या पैरों-टखनों पर बार-बार सूजन दिखाई दे तो इसे केवल ज्यादा देर खड़े रहने या शारीरिक मेहनत का नतीजा मानकर अनदेखा न करें।
- कई बार ये सूजन दिल, लिवर या दूसरी स्थितियों में भी हो सकती है, इसलिए कारण की जांच जरूरी है।
पेशाब में बदलाव
किडनी की बीमारी में पेशाब से जुड़े बदलाव महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं, हालांकि हर बदलाव किडनी की बीमारी हो ये भी जरूरी नहीं है। बार-बार पेशाब आना, रात में कई बार पेशाब के लिए उठना या पेशाब में असामान्य बदलाव कई अलग कारणों से हो सकते हैं।
- शुरुआत में किडनी की बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षणों के भी मौजूद हो सकती है। इसलिए केवल पेशाब सामान्य दिखने किडनी को हेल्दी मान लेना सही नहीं है। अगर पेशाब में लगातार बदलाव दिख रहा है और साथ में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।
इन समस्याओं पर भी दें ध्यान
- किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में अपशिष्ट जमा होने लगते हैं। इससे भूख कम होने और मितली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में अतिरिक्त तरल जमा हो सकता है। इससे पैरों में सूजन के साथ कुछ लोगों में सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
- किडनी की बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि शुरुआती चरण में लक्षण नहीं भी हो सकते हैं। इसलिए केवल शरीर के संकेतों के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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