सर्दियों का ये मौसम सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ठंड के कारण ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल तो बढ़ता ही है साथ ही ये मौसम आपके पाचन स्वास्थ्य और आंखों के लिए भी समस्याएं पैदा कर सकता है। सर्दियों में ड्राई आइज की समस्या भी आम है, जो आपकी आंखों के लिए कई तरह की जटिलताओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
Winter Health: सर्दियों का ये मौसम कहीं बढ़ा न दे आंखों में सूखापन, जानिए ड्राई आइज के कारण और बचाव के तरीके
सर्दियों में ड्राई आइज की समस्या भी आम है, जो आपकी आंखों के लिए कई तरह की जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। ठंड के दिनों में आंखों में सूखापन बढ़ना न केवल आपको असहजता महसूस करा सकता है बल्कि दीर्घकालिक रूप से इसके कारण आंखों से संबंधित कई प्रकार की दिक्कतें भी बढ़ा सकती है।
क्यों होती है ड्राई आइज की दिक्कत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ड्राई आइज की दिक्कत तब होती है जब आंखें सही मात्रा में आंसू का उत्पादन नहीं कर पाती हैं। इस वजह से आपको आंखों में लालिमा, जलन और किरकिरापन महसूस होता रह सकता है। ठंडी-शुष्क हवा और घर के अंदर हीटर के इस्तेमाल के कारण ये दिक्कत होना काफी आम है। जिन लोगों को पहले से ही ये समस्या रही है उनके लिए सर्दियों का ये मौसम दिक्कतों को और भी बढ़ाने वाला माना जाता है।
आइए जानते हैं कि इसके लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हैं?
ड्राई आइज की समस्या के लिए ये आदतें हैं जिम्मेदार
सर्दियों की कई ऐसी स्थितियां हैं जो आंखों में सूखापन को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
ठंडी और शुष्क हवा
सर्दियों में हवा में नमी का स्तर कम हो जाता है, जिससे आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं की परत जल्दी सूखने लगती है। ठंडी हवा आंखों की नमी को तेजी से सोख लेती है, जिससे आंखें शुष्क और जलन महसूस करने लगती हैं।
हीटर का अधिक उपयोग
ठंड से बचे रहने के लिए घरों और दफ्तरों में हीटर और ब्लोअर का ज्यादा उपयोग करना भी आंखों में सूखापन की दिक्कत बढ़ाने वाला हो सकता है। हीटर की गर्म हवा आंखों के प्राकृतिक आंसुओं को सुखा देती है। यही कारण है कि हीटर के सामने कुछ देर बैठने से आंखों में चुभन और जलन होने लगती है।
पानी कम पीना नुकसानदायक
ठंड के मौसम में लोग पानी पीने पर कम ध्यान देते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन का सीधा असर आंखों की नमी पर पड़ता है, जिससे ड्राई आइज की समस्या बढ़ जाती है।
स्क्रीन टाइम ज्यादा तो नहीं?
सर्दियों में लोग अक्सर घर के अंदर रहते हैं और ज्यादा समय टीवी, लैपटॉप, मोबाइल या अन्य डिवाइस पर बिताते हैं। स्क्रीन पर लगातार देखने से आंखों की पलक झपकाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे आंसुओं की परत जल्दी सूख जाती है।
आंखों में सूखापन के कारण चुभन, जलन या खुजली जैसी दिक्कत होते रहना आम है। जिन लोगों को आंखों में सूखापन की दिक्कत है, उन्हें समय रहते इसका इलाज जरूर करा लेना चाहिए। अनदेखा करने के कारण आपकी आंखों की सतह को नुकसान होने और गंभीर स्थितियों में आंखों में सूजन, कॉर्नियल सतह का घिसाव, कॉर्नियल अल्सर और दृष्टि हानि तक हो सकती है।
ड्राई आइज से बचने के लिए क्या उपाय करें?
ड्राई आइज से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतते रहने की सलाह दी जाती है। अगर आपको आंखों में सूखापन महसूस होता है, तो उन स्थितियों पर ध्यान दें जो आपके लक्षणों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- आंखों में हेयर ड्रायर, कार हीटर, एयर कंडीशनर या पंखे की हवा को सीधे जाने से बचाएं।
- आंखों को आराम दें। अगर आप पढ़ रहे हैं या कोई ऐसा काम कर रहे हैं जिसमें आंखों पर दबाव बढ़ता है तो समय-समय पर आंखों को आराम दें।
- कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन का कम से कम इस्तेमाल करें।
- धूम्रपान से बचें। धूम्रपान की आदत आपके लक्षणों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- डॉक्टर की सलाह पर आंखों को अच्छी तरह से चिकनाईयुक्त रखने के लिए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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