कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना सेहत को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा देता है। कोलेस्ट्रॉल, असल में एक मोम की तरह का पदार्थ होता है जिसका उपयोग शरीर कोशिकाओं और हार्मोन्स के निर्माण के लिए करती हैं। कोलेस्ट्रॉल मुख्यरूप से दो प्रकार का होता है, हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल) और डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल)। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों, जैसे स्ट्रोक या दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ाता है।
आज का हेल्थ टिप्स: कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कुछ ही दिनों में कर सकते हैं ये पेय पदार्थ, क्या आप करते हैं सेवन?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रीन टी का सेवन है फायदेमंद
ग्रीन टी के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर के लिए विशेष लाभदायक मानते हैं। ग्रीन टी में कैटेचिन और अन्य एंटीऑक्सीडेंट यौगिक होते हैं जो बैड एलडीएल और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। साल 2015 में चूहों पर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कैटेचिन और एपिगैलोकैटेचिन को कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में बहुत लाभदायक पाया।
टमाटर का जूस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टमाटर को कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में विशेष लाभदायक पाया गया है। टमाटर के जूस में लाइकोपीन नामक यौगिक पाया जाता है, जो लिपिड स्तर में सुधार करके बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। टमाटर का रस को कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले फाइबर और नियासिन से भी भरपूर माना जाता है। साल 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि 2 महीने तक रोजाना 280 मिलीलीटर टमाटर का रस पीने वाली 25 महिलाओं के ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी का अनुभव किया गया।
कोको ड्रिंक
डार्क चॉकलेट में कोको मुख्य घटक है। इसमें फ्लैवनॉल्स नामक एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकते हैं। साल 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि 1 महीने तक रोजाना दो बार कोको फ्लेवनॉल युक्त 450 मिलीग्राम पेय का सेवन करने से गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि करते हुए बैड एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम किया जा सकता है। कोको में उच्च स्तर के मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकते हैं।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।