डायबिटीज की स्थिति में हल्के घावों को भी ठीक होने में लंबा समय लग सकता है, इस तरह की स्थिति को मधुमेह के लक्षणों के तौर पर भी जाना जाता है। हालांकि अगर बिना डायबिटीज की समस्या के भी आपमें घावों को भरने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। कुछ स्थितियों में यह दिक्कत जिंक की कमी के कारण भी हो सकती है।
जानना जरूरी: जल्दी नहीं भरते घाव, सिर्फ डायबिटीज ही नहीं इस कारण भी हो सकती है ऐसी दिक्कत
जिंक की शरीर को जरूरत
जिंक, एक ट्रेस मिनरल है, जिसका अर्थ है कि इसकी शरीर को केवल थोड़ी मात्रा में ही आवश्यकता होती है। डीएनए के निर्माण, कोशिकाओं के विकास, प्रोटीन के निर्माण, क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने और स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए इसकी जरूरत होती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में यह सबसे जरूरी है।
आइए जानते हैं कि शरीर में जिंक की कमी होने से किस तरह की समस्याओं का खतरा हो सकता है?
जिंक की कमी के कारण होने वाली समस्याएं
शरीर में जिंक की कमी कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकती है, समय रहते इसके लक्षणों की पहचान करना जरूरी हो जाता है। अस्पष्टीकृत वजन घटने, घावों की जल्दी ठीक न होना, सतर्कता की कमी, गंध और स्वाद की भावना में कमी, बार-बार डायरिया होते रहना, भूख न लगना, बालों का झड़ना और त्वचा की समस्या बने रहना, ये संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में इस आवश्यक मिनरल की कमी है। जिंक की कमी इम्युनिटी सिस्टम के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक है जिंक
जिंक की कमी के चलते आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। यह इम्युनिटी सेल फ़ंक्शन और सेल सिग्नलिंग के लिए आवश्यक तत्व है, इसकी कमी से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है। जिंक की खुराक प्रतिरक्षा कोशिकाओं को उत्तेजित करती है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक है। जिन लोगों में जिंक की कमी होती है उनमें बार-बार संक्रमण होने का जोखिम बना रहता है।
आहार के माध्यम से इस मिनरल की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सकता है।
जिंक की पूर्ति करने वाले आहार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ और पौष्टिक चीजों के सेवन की आदत जिंक की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक मानी जाती है। इसके लिए मांस, एवोकाडो, अंडे, कद्दू के बीज, ओट्स, पालक, मशरूम और नट्स को आहार का हिस्सा बनाना लाभकारी हो सकता है। इस तरह के आहार से शरीर के लिए दैनिक रूप से आवश्यक जिंक की आसानी से पूर्ति की जा सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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