शरीर में होने वाली किसी भी गंभीर समस्या का अंदाजा समय रहते उसके लक्षणों के आधार पर लगाया जा सकता है। हालांकि कुछ लक्षण आपको भ्रमित कर सकते हैं जिनके बारे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। सांस लेने में कठिनाई होना ऐसी ही एक समस्या है, जिसे आमतौर पर फेफड़ों की दिक्कत या अस्थमा मान लिया जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि यह हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत भी हो सकता है?
सावधान: क्या आपको भी अक्सर महसूस होती है सांस लेने में कठिनाई? यह हार्ट अटैक का हो सकता है शुरुआती संकेत
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हृदय रोगों का लक्षण
डॉक्टर्स कहते हैं, सामान्यतौर पर धमनियों के अवरुद्ध होने की स्थिति में सांस लेने में कठिनाई महसूस होती रह सकती है। धमनियों में कई कारणों से रुकावट हो सकती है, यदि इस स्थिति को अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो सकता है। सांस लेने में होने वाली कठिनाइयों का हर बार हृदय की समस्याओं का संकेत होना भी आवश्यक नहीं है, कुछ स्थितियों में सीने में जकड़न के कारण भी ऐसी दिक्कत हो सकती है। हालांकि इन सभी स्थितियों का समय रहते इलाज और उपचार होना आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं सांस लेने में कठिनाई के और क्या कारण हो सकते हैं?
इन कारणों से भी हो सकती है ऐसी दिक्कत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सांस की तकलीफ के कई कारण हो सकते हैं। सही कारण के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
- एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं का कम स्तर)- जिन लोगों में एनीमिया की दिक्त होती है उनमें भी अक्सर सांस की तकलीफ बनी रहती है।
- अस्थमा के रोगियों में सांस की समस्या होना सामान्य है।
- चिंता-तनाव की स्थिति भी इस जोखिम को बढ़ा सकती है।
- हृदय या फेफड़ों की समस्या।
- धूम्रपान करने वालों में देखी जाती है यह समस्या।
- किसी प्रकार के संक्रमण की स्थिति।
- गंभीर मोटापा।
सांस की तकलीफ से कैसे बचें?
यदि आपको हृदय-फेफड़ों की किसी गंभीर बीमारी के बिना ही सांस लेने में तकलीफ होती रहती है तो इससे बचाव के लिए कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें।
- ऐसी जगहों पर जाने से बचें जहां पर रसायनों का अधिक प्रयोग होता है, रसायन आपके फेफड़ों के लिए दिक्कत बढ़ा सकते हैं।
- श्वसन व्यायाम करने से भी सांस की इस तरह की दिक्कतों को कम करने में मदद मिल सकती है।
- सांस की समस्याओं से बचे रहने के लिए धूम्रपान बिल्कुल बंद कर दें ।
- वजन को कंट्रोल रखें इससे भी आपको लाभ मिल सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।