मीठा खाने का मन हो, तो कई लोग सफेद चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करना बेहतर समझते हैं। इसकी वजह है शहद का प्राकृतिक होना और इसमें पाए जाने वाले कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण। लेकिन अगर आपको डायबिटीज है और आप ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो शहद को बिना सोचे-समझे डाइट में शामिल करना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
हेल्थ की बात: नेचुरल स्वीटनर है शहद, क्या डायबिटीज में कर सकते हैं इसका सेवन? यहां जानिए
Honey In Diabetes: शहद को चीनी का प्राकृतिक और हेल्दी विकल्प माना जाता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए इसका सेवन सावधानी से करना जरूरी है। शहद में मौजूद शर्करा ब्लड शुगर बढ़ा सकती है। जानिए इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और डायबिटीज से जुड़ी जरूरी सावधानियां।
शहद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स
आम तौर पर माना जाता रहा है कि जिन चीजों का स्वाद मीठा होता है उनसे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है, पर सभी के मामले में ऐसा नहीं है। बात अगर शहद की हो तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 58 होता है जबकि मधुमेह वाले लोगों को 55 ग्लाइसेमिक इंडेक्स से अधिक वाली चीजें न खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में इसे हल्की मात्रा में खाया जा सकता है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह स्केल है जिसकी मदद से यह जाना जा सकता है कि भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज बनता है और किस गति से खून में शुगर की मात्रा बढ़ती है। इस आधार पर शहद का सेवन डायबिटीज की समस्या को बढ़ा सकता है।
डायबिटीज है तो खा सकते हैं शहद?
कुछ लोग अपनी चाय में शहद मिलाते हैं या बेक करते समय इसे स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या मधुमेह वाले लोगों के लिए शहद सुरक्षित है? इसपर अध्ययनों में अलग-अलग तर्क मिलते हैं। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों को अपने कार्बोहाइड्रेट और चीनी के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- चीनी की तुलना में तो शहद न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो मधुमेह की जटिलताओं को कम कर सकते हैं। पर इसका सेवन कितना सुरक्षित है यह व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है।
शहद की मात्रा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। इसकी अधिकता शुगर लेवल को बढ़ाने वाली हो सकती है।
ये सावधानियां जान लें
शहद का सेवन करने के जोखिम और लाभ दोनों हो सकते हैं, खासकर यदि आपको डायबिटीज है तो बिना डॉक्टर के सलाह के इसका सेवन न करें। शहद ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि जब तक आपका ब्लड शुगर अच्छी तरह से कंट्रोल में नहीं रहता तो ज्यादा मिठास वाली चीजों से बचना चाहिए।
- गर्भवती और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को कच्चे शहद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह पास्चुरीकृत नहीं होता है। इस प्रकार के शहद का सेवन करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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