एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस का संक्रमण धीरे-धीरे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहद कमजोर कर देता है। समय पर जांच और इलाज न मिलने पर यह एड्स जैसी गंभीर अवस्था तक पहुंच सकता है। एचाईवी संक्रमण को पहले लाइलाज माना जाता था, हालांकि मेडिकल साइंस की प्रगति और कारगर दवाओं की मदद से अब लोग संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं।
अलर्ट: टैटू बनवाने से भी हो सकता है एचआईवी संक्रमण? यूपी से सामने आए मामलों ने डराया, डॉक्टर से जानिए खतरे
HIV Transmission Through Syringes: एचआईवी वायरस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। असुरक्षित यौन संबंधों और संक्रमित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल से इसका संक्रमण फैल सकता है। टैटू बनवाते समय नई, सुरक्षित सुई का इस्तेमाल न करने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। उत्तर प्रदेश से संक्रमण के सामने आए मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश में 10 महीने में 900 एचआईवी पॉजिटिव
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में इस साल जनवरी से अक्तूबर तक में ही करीब 900 नए एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इनमें आधे से ज्यादा किशोर और युवा हैं जिनकी उम्र 15 से 45 साल के बीच है। सर्वाधिक 728 लोगों में संक्रमण की पुष्टि बीएचयू अस्पताल में जांच के बाद हुई है। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में जांच करवाने वाले 175 लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। शहरी इलाकों में रहने वाले ज्यादा संक्रमित हुए हैं।
- संक्रमण की जो वजह सामने आई है उनमें एक ही सिरिंज से ड्रग्स लेना, असुरक्षित यौन संबंध, गलत इंजेक्शन से टैटू बनवाना शामिल है। सरकारी हो या निजी अस्पताल हर छोटी से बड़ी सर्जरी करवाने से पहले डॉक्टर एचआईवी की जांच करवाते हैं।
- वाराणसी में जिला अस्पताल स्थित ओएसटी सेंटर पर पिछले दो साल में 30 ऐसे लोगों में एचआईवी की पुष्टि हुई है जिन्होंने एक ही सिरिंज से नशीला ड्रग्स लिया था। इनमें से दो महिलाओं की अब तक मौत हो चुकी है।
इस मामले के बाद से लोगों में डर बढ़ गया है। अब सवाल ये है कि टैटू बनवाना कैसे इस संकट को बढ़ाता जा रहा है और इससे बचे रहने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
टैटू बनवाना एचआईवी का खतरा कैसे बढ़ाता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि टैटू बनवाते समय त्वचा में बार-बार सुई चुभाई जाती है, जिससे त्वचा की ऊपरी परत में छोटे छेद बनते हैं। अगर टैटू बनाने वाला व्यक्ति एक ही सुई या सिरिंज का इस्तेमाल कई लोगों पर करता है और उपकरण पर किसी संक्रमित व्यक्ति का खून लगा है, तो एचआईवी संक्रमण फैलने की आशंका हो सकती है।
- खून में मौजूद वायरस दूषित सुई के जरिए दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच सकता है।
- सुई पर खून की मात्रा बहुत कम हो, तब भी जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- टैटू की सुई के साथ-साथ इस्तेमाल किए गए अन्य उपकरणों या दूषित इंक से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में डॉक्टर सलभ मिश्रा बताते हैं, ऐसा नहीं है कि टैटू बनवाने से सभी लोगों को एचआईवी होता है। अगर प्रशिक्षित व्यक्ति नए, स्टरलाइज्ड उपकरणों और सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करता है, तो जोखिमों से बचा जा सकता है। टैटू बनवाने से पहले यह जरूर जांचें कि सुई नई और सीलबंद है या नहं साथ ही इंक और अन्य सामान भी सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे हैं? टैटू से एचआईवी का खतरा आमतौर पर तब होता है जब आप सड़क किनारे, मेले या बाजार में असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाते हैं। यहां इस्तेमाल होने वाली सुइयां कितनी सुरक्षित हैं इसकी ज्यादा प्रमाणिकता नहीं होती।
- चिंता की बात यह है भी कि एचआईवी संक्रमण के शुरुआती दौर में कई लोगों को कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे बीमारी के बढ़ने और खतरनाक रूप लेने का खतरा बढ़ जाता है।
- एचआईवी संक्रमण पर ध्यान न दिया जाए तो ये एड्स का कारण बन सकती है जिसे जानलेवा माना जाता है।
एचआईवी संक्रमण के खतरे और बचाव
डॉक्टर सलभ बताते हैं, एचआईवी संक्रमण के शुरुआती कुछ हफ्तों में कुछ लोगों को बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, त्वचा पर चकत्ते और शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। ये लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे भी लग सकते हैं। कई लोगों में शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखता।
अगर संक्रमण की समय रहते पहचान औ इलाज न हो पाए तो समय के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो जाती है। इससे बार-बार संक्रमण होना, वजन घटने, लंबे समय तक बुखार या दस्त रहने और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई का इस्लेतामल, असुरक्षित तरीके से टैटू या पियर्सिंग करवाना और संक्रमित खून के संपर्क में आना संक्रमण का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है। एचआईवी से बचाव के लिए इन सभी को लेकर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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