डायबिटीज, मौजूदा समय की सबसे गंभीर और चुनौतीपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक देश में 20-79 की आयु वाले करीब 7.42 करोड़ से अधिक लोग साल 2021 में इस गंभीर रोग के शिकार थे। समय के साथ यह समस्या शरीर के कई और भी अंगों को क्षति पहुंचा सकती है, यही कारण है कि सभी मधुमेह रोगियों को ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय निरंतर करते रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें अपने खान-पान और दिनचर्या में सक्रियात को लेकर विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञ से जानिए: क्या डायबिटीज में खा सकते हैं केला? इस फल से होने वाले अन्य फायदों के बारे में भी जानिए
क्या कहते हैं अध्ययन?
डायबिटीज में केला खाने के प्रभाव को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने कई अध्ययन किए। साल 2006-07 के दौरान यूरोप में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि डायबिटीज में केला खाया जा सकता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने जैसी दिक्कत देखने को नहीं मिलती है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि केले में घुलनशील फाइबर होते हैं। पाचन के दौरान घुलनशील फाइबर एक जेल के रूप में परिवर्तित हो जाता है, जिससे भोजन को पचाना आसान होता है। शोध बताते हैं कि कच्चे केले में प्रतिरोधी स्टार्च भी होता है, ऐसे में यह डायबिटीज रोगियों की समस्या नहीं बढ़ाता है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
शोध बताते हैं, उच्च कार्ब सामग्री के बावजूद, केले का सेवन रक्त शर्करा के स्तर में बड़ी वृद्धि नहीं करता है, हालांकि हर व्यक्ति के ब्लड शुगर का स्तर और डायबिटीज की गंभीरताअलग-अलग हो सकती है। अध्ययन डायबिटीज में केला खाने को नुकसानदायक नहीं मानते हैं, हालांकि इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
अमर उजाला से बातचीत में डायबेटोलॉजिस्ट डॉ शिखा अनुराग बताती हैं, संतुलित मात्रा में केले का सेवन किया जा सकता है, हालांकि अपने शुगर लेवल की स्थिति के आधार पर चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें, तभी इसका सेवन करें।
पाचन के लिए बेहतर
शोध बताते हैं कि केले में मौजूद फाइबर की मात्रा इसे पाचन को बढ़ावा देने वाले फलों में से एक बनाती है। एक मध्यम आकार के केले में लगभग 3 ग्राम फाइबर होता करता है। अध्ययन के मुताबिक कच्चे और पके दोनों तरह के केला में पेक्टिन नामक तत्व पाया जाता है जो कब्ज को रोकने और मल को नरम करने में मदद कर सकता है। जिन लोगों को अक्सर पेट फूलने या दस्त की समस्या बनी रहती है, उनके लिए केले का सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
ब्लड प्रेशर रोगियों के लिए लाभदायक
केले में पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है जो इसे हृदय स्वास्थ्य, विशेष रूप से रक्तचाप प्रबंधन में महत्वपूर्ण बनाती है। केले पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत हैं, मध्यम आकार के केले (126 ग्राम) का सेवन आपके पोटेशियम की दैनिक आवश्यकताओं का 10 फीसदी तक पूर्ति कर सकता है।
पोटेशियम युक्त आहार आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में फायदेमंद माने जाते हैं। पुराने शोध और जानवरों के अध्ययन के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से पोटेशियम वाली चीजें खाते हैं, उनमें हृदय रोग का जोखिम 27% तक कम होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है।
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