जिस तरह से हमारा शरीर एक दूसरे से भिन्न है, ठीक उसी प्रकार से ब्लड ग्रुप भी हर किसी में अलग-अलग होता है। यहां तक कि बच्चों में भी माता-पिता से अलग ब्लड ग्रुप हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रक्त की संरचना व्यक्तियों के बीच भिन्न होती है। ब्लड ग्रुप मुख्यरूप से चार प्रकार का- ए, बी, एबी और ओ होता है।
Type O Blood: क्या वास्तव में वरदान है यह ब्लड ग्रुप? शोधकर्ताओं ने बताया- ऐसे लोगों की उम्र हो सकती है लंबी
ब्लड ग्रुप ओ की खासियत
ब्लड ग्रुप ओ कुछ मामलों में खास जरूर है, इसे यूनिवर्सल डोनर ग्रुप भी माना जाता है। यानी कि अगर आपका ब्लड ग्रुप ओ है तो आप किसी दूसरे ब्लड ग्रुप वाले लोगों को भी रक्तदान कर सकते हैं। दुर्घटनाओं के समय जब समान ब्लड ग्रुप नहीं मिल पाता है तो ब्लड ग्रुप ओ वाला रक्त देकर किसी भी रोगी की जान बचाई जा सकती है।
पर ये ब्लड ग्रुप आपके स्वयं के लिए किस प्रकार से लाभकारी हो सकता है, इस बारे में अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने कई लाभ बताए हैं। शोध के मुताबिक ब्लड ग्रुप ओ वाले लोगों में हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर, मलेरिया आदि का जोखिम कम होता है, इस प्रकार से ऐसे लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी अधिक हो सकती है।
हृदय रोगों के जोखिम से बचाव
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि टाइप ओ ग्रुप वाले लोगों में हृदय रोग और रक्त के थक्के जमने का जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है, हालांकि ऐसे लोग रक्तस्राव या रक्तस्राव विकारों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि टाइप ओ ग्रुप वालों की तुलना में टाइप ए और बी रक्त समूह वाले लोगों में डीप वेन थ्रंबोसिस विकसित होने का जोखिम 51% अधिक और पल्मोनरी इंबोलिज्म का खतरा 47% अधिक था। ये गंभीर रक्त के थक्के वाले विकार हैं जो हार्ट फेलियर के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।
कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव
इसी तरह से ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों में A, AB, और B वालों की तुलना पेट में कैंसर होने का जोखिम भी कम होता है। विशेष रूप से, टाइप ए रक्त वाले लोगों को पेट का कैंसर होने की आशंका अधिक बताई गई है। शोधकर्ताओं को लगता है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि टाइप ए रक्त वाले लोग एच. पाइलोरी संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यह एक बैक्टीरिया है जो आमतौर पर पेट में पाया जाता है और सूजन-अल्सर पैदा कर सकता है।
स्ट्रेस का जोखिम भी कम
तनाव आपके शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि टाइप-ए रक्त वाले लोगों में कोर्टिसोल अधिक हो सकता है, इसलिए आपको तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में कठिनाई हो सकती है। जबकि टाइप-ओ वाले लोगों में इसका जोखिम कम पाया गया है। स्ट्रेस की समस्या को कई गंभीर रोगों को बढ़ाने वाला भी माना जाता है। लंबे समय तक रहने वाले स्ट्रेस से ब्लड प्रेशर और हृदय रोग हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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