फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Diwali 2022: पटाखे जलाते समय असावधानी पड़ सकती है भारी, जानिए जलने-चोट लगने पर तुरंत क्या करें?

Mon, 24 Oct 2022 12:11 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 24 Oct 2022 12:11 AM IST
विज्ञापन
diwali 2022,  fireworks injuries and burnout during deepawali, prevention and first aid tips in hindi
पटाखे जलाते समय बरतें विशेष सावधानियां - फोटो : istock

दीपावली का त्योहार कई मामलों में खास है। आपसी मेलजोल को बढ़ाने से लेकर मिठाइयां, रोशनी, सजावट और उत्साह इस उत्सव को विशेष रूप देते हैं। इसके अलावा जो चीजें इस पर्व को आनंददायी बनाती हैं वह हैं- पटाखे और रोशनी। हालांकि पटाखों को जलाते समय विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। इस दौरान बरती गई लापरवाही के कारण हर साल दुर्घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। पटाखों को असावधानी से जलाने के कारण चोट लगने-जलने का खतरा हो सकता है। विशेषकर छोटे बच्चों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। 



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर साल दिवाली के त्योहार के दौरान पटाखों से घायल होने के कई मामले देखे जाते रहे हैं। इस प्रकार के जोखिमों से बचे रहने के लिए सुनिश्चित करें कि बच्चे पटाखों से दूर रहें। यदि आप या परिवार का कोई सदस्य पटाखे जलाते समय चोट का शिकार हो जाता है तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दें। त्वरित उपचार से इसके दीर्घकालिक जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।

आइए जानते हैं कि पटाखों से होने वाले किसी हादसे से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए और जलने-चोट लगने पर तुरंत क्या कर सकते हैं?

diwali 2022,  fireworks injuries and burnout during deepawali, prevention and first aid tips in hindi
पटाखों से जलने या चोट लगने की समस्या - फोटो : istock

पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखों से कई प्रकार के नुकसान का जोखिम होता है, ऐसे में पटाखों को नहीं जलाना चाहिए। यदि आप जला भी रहे हैं तो सिर्फ उन्हीं पटाखों का इस्तेमाल करें जिनसे प्रदूषण का जोखिम कम होता है। इसके अलावा पटाखे जलाते समय हर स्तर पर चोट से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार के हादसे से बचा जा सके। बच्चों को बड़ों की देखरेख में ही पटाखे फोड़ने चाहिए। हमेशा घर के बाहर पटाखे फोड़ें।

पटाखों से आग लगने के खतरे को कम करने के लिए वहां बाल्टी में पानी या रेत रखें। माचिस से सीधे पटाखे न जलाएं, इसके लिए किसी लंबी डंडी का प्रयोग करें, जिससे पटाखों से आप एक दूरी बनाकर रखे सकें। आइए जानते हैं कि जलने-चोट लगने पर तुरंत क्या किया जाना चाहिए?

diwali 2022,  fireworks injuries and burnout during deepawali, prevention and first aid tips in hindi
ठंडे पानी से मिलता है जलन में आराम - फोटो : Pixabay

जलन वाले स्थान की कोल्ड कंप्रेसिंग करें

यदि पटाखे जलाते समय जल जाएं तो उस स्थान पर आइस पैक या साफ गीला कपड़ा रखने से दर्द-जलन कम हो सकती है। प्रभावित हिस्से को कच्चा आलू या पेस्ट लगाने से भी दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। त्वरित उपचार करने से फफोले पड़ने या फिर किसी भी प्रकार के संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
diwali 2022,  fireworks injuries and burnout during deepawali, prevention and first aid tips in hindi
एलोवेरा जेल से जलन में मिलता है आराम - फोटो : iStock

एंटीबायोटिक या एलोवेरा जेल लगाएं

जलन वाले हिस्से पर कोल्ड कंप्रेसिंग के बाद एंटीबायोटिक क्रीम या मलहम लगाना चाहिए। यह जलन को कम करने और घाव में संक्रमण को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा घरेलू उपचार में एलोवेरा जेल भी लगाया जा सकता है। एलोवेरा एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीबायोटिक प्रभावों वाला पौधा है जो बैक्टीरिया के विकास को रोकने और सूजन-जलन को कम करने में मदद करता है। एलोवेरा के पौधे से सीधा निकालकर भी जेल लगाया जा सकता है। 

विज्ञापन
diwali 2022,  fireworks injuries and burnout during deepawali, prevention and first aid tips in hindi
जलन में शहद लगाने से आराम - फोटो : istock

जलन वाले स्थान पर शहद लगाने से लाभ

जलन वाले हिस्से पर शहद लगाना भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। साल 2018 की एक समीक्षा में पाया गया कि हल्के स्तर के जलन पर शहद लगाने से लाभ पाया जा सकता है। शहद लगाने से उस क्षेत्र को जीवाणुरहित करने और संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है। यह त्वचा के जलन को शांत करके दर्द में भी आराम पाने का कारगर तरीका हो सकता है। हालांकि अगर जलन अधिक हिस्से में है तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें।




----------------
नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed