ऑफिस में काम करने वाले लोगों का ज्यादातर समय कंप्यूटर और लैपटॉप की स्क्रीन पर बीत जाता है। सुबह ऑफिस पहुंचने से लेकर शाम तक ईमेल, मीटिंग, रिपोर्ट और ऑनलाइन काम के बीच लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे कितनी देर लगातार स्क्रीन देखते रहते हैं। वहीं मेडिकल रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं कि स्क्रीन टाइम बढ़ना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
हेल्थ टिप्स: दिनभर कंप्यूटर पर काम करते हैं, कहीं आंखों के लिए न बढ़ जाए मुसीबत? ऐसे करें देखभाल
लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने से आंखों में थकान, ड्राइनेस और धुंधलापन की समस्या हो सकती है। इससे राहत के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं, स्क्रीन सही दूरी पर रखें और नियमित पलकें झपकाएं। लगातार परेशानी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा न शुरू करें।
लाइफस्टाइल में गड़बड़ी ने पहले ही आंखों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, इसके ऊपर बढ़ता स्क्रीन टाइम समस्याओं को और भी गंभीर बना सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, काम करने का तरीका, स्क्रीन की दूरी का ध्यान रखना, रोशनी और बीच-बीच में ब्रेक लेने की आदत आंखों के आराम देने में मददगार सकती है।
20-20-20 नियम अपनाएं
अगर आप लगातार कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाकर लगभग 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड तक देखें। इसे 20-20-20 नियम कहा जाता है।
इससे लगातार पास की चीज पर फोकस करने से होने वाली आंखों की थकान कम करने में मदद मिल सकती है।
- स्क्रीन पर काम करते समय अक्सर हमारी पलकें सामान्य से कम झपकती हैं, जिससे आंखों की सतह जल्दी सूख सकती है। इसलिए ब्रेक के दौरान सामान्य रूप से पलकें झपकाना भी जरूरी है।
कंप्यूटर की स्क्रीन सही दूरी पर रखें
कई लोग लैपटॉप या मॉनिटर के बहुत करीब बैठकर काम करते हैं। इससे आंखों पर अतिरिक्त दबाव और गर्दन में परेशानी हो सकती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए स्क्रीन को आंखों से लगभग एक हाथ की दूरी पर रखें। करीब 50-65 सेंटीमीटर की दूरी से आंखों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है।
- मॉनिटर को इस तरह रखें कि स्क्रीन देखते गर्दन सीधी रहे।
- टेक्स्ट छोटा हो तो स्क्रीन के करीब झुकने के बजाय फॉन्ट साइज बढ़ाएं।
- स्क्रीन पर खिड़की या तेज लाइट की चमक पड़ रही हो, तो इससे भी आंखों के लिए दिक्कत बढ़ सकती है।
आंखों को ड्राई होने से कैसे बचाएं?
ऑफिस में एसी के सामने लंबे समय तक बैठने और स्क्रीन पर लगातार देखने से आंखों में सूखापन बढ़ने का खतरा हो सकता है। ऐसे में नियमित ब्रेक लेना और पलकें झपकाना बहुत जरूरी है।
- अगर आंखें बार-बार सूखती हैं, तो डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप ले सकते हैं। हालांकि खुद से ओवर-द-काउंटर कोई भी स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें।
- ब्लू-लाइट फिल्टर वाले चश्मे भी कुछ हद तक स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के असर को कम करने में मदद कर सकती है।
आंखों की नियमित जांच जरूरी
अगर कंप्यूटर पर काम करते समय बार-बार धुंधला दिखाई देता है, सिरदर्द होता है या आंखों में लगातार दर्द, लालिमा बनी रहती है, तो आंखों के डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर करा लें। कई बार पहले से मौजूद नंबर या दूसरी आंखों की समस्या स्क्रीन पर काम करने के दौरान ज्यादा महसूस होने लगती है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।