यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) मूत्र मार्ग में होने वाला एक आम संक्रमण है। यह संक्रमण मूत्राशय, मूत्र नली और गंभीर मामलों में किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। यूटीआई की समस्या वैसे तो महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है, पर ये समस्या पुरुषों को भी हो सकती है।
यूटीआई की समस्या: यूरिन इंफेक्शन ठीक होने के बाद फिर क्यों लौट आता है संक्रमण? जानिए असली वजह
बार-बार यूटीआई होने की वजह बैक्टीरियल संक्रमण, कम पानी पीना, डायबिटीज, किडनी स्टोन और मेनोपॉज हो सकते हैं। इससे बचने के लिए खूब पानी पिएं, पेशाब न रोकें, साफ-सफाई रखें। संक्रमण बार-बार हो तो यूरिन कल्चर और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बैक्टीरिया के संक्रमण और डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यूटीआई की दिक्कत हो सकती हैं।
यूटीआई की समस्या
यूटीआई होने का सबसे आम कारण बैक्टीरिया हैं। आमतौर पर आंतों में पाया जाने वाला ई. कोलाई बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकता है। महिलाओं की मूत्र नली छोटी होने के कारण बैक्टीरिया के मूत्राशय तक पहुंचने की आशंका अधिक होती है।
- इसके अलावा, लंबे समय तक पेशाब रोकना और पर्याप्त पानी न पीना भी मूत्र संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
- इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ दिनभर पर्याप्त मात्री में पानी पीते रहने और पेशाब आने पर उसे ज्यादा देर तक न रोकने की सलाह देते हैं।
यूटीआई का इलाज बीच में न छोड़े
कुछ लोगों में यौन संबंध बनाने के बाद यूटीआई होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, संक्रमण के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवा बंद करने या इलाज अधूरा छोड़ देने से भी संक्रमण हो सकता है। कभी-कभी पुराना संक्रमण पूरी तरह ठीक नहीं होता, जबकि कुछ मामलों में नए बैक्टीरिया से दोबारा संक्रमण हो जाता है।
- इसलिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा और उसका कोर्स पूरा करें। बार-बार यूटीआई होने पर यूरिन कल्चर टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है।
डायबिटीज और मेनोपॉज से भी होता है खतरा
- डायबिटीज का कंट्रोल में न रहना भी यूटीआई का जोखिम बढ़ सकता है। किडनी स्टोन या मूत्र मार्ग में रुकावट होने से भी संक्रमण बार-बार हो सकता है।
- महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से मूत्र मार्ग के आसपास के ऊतकों में बदलाव आते हैं, जिससे संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है।
अगर छह महीने में दो बार या एक साल में तीन बार यूटीआई होता है, तो इसे बार-बार होने वाला संक्रमण माना जाता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है। पेशाब में जलन के साथ बुखार, ठंड लगना, पीठ या कमर में दर्द या उल्टी हो तो डॉक्टर से मिलकर जांच करा लें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।