कोरोना वायरस से परेशान लोगों की मुश्किलेंं बढ़ाने के लिए अब डेंगू भी आ गया है। सबसे बड़ी परेशानी ये है कि कैसे पहचाना जाए कि व्यक्ति को डेंगू हुआ है या कोरोना इंफेक्शन क्योंकि दोनों ही मामलों में सबसे पहले बुखार आता है, साथ ही शरीर में थकान सी महसूस होने लगती है। लेकिन सही से ध्यान देने पर आप पहचान सकते हैं की डेंगू और कोरोना में क्या फर्क है और डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं डेंगू के लक्षण।
इन लक्षणों से पहचाने, डेंगू का बुखार है या कोरोना वायरस का इंफेक्शन
डेंगू के लक्षण
- डेंगू और कोरोना दोनों के ही शुरुआती लक्षण एक जैसे रहते हैं लेकिन फिर भी इन दोनों बीमारियों के लक्षणो में कुछ फर्क है। डेंगू में बुखार आने के साथ रोगी को उल्टी, सूजन और शरीर में रेशैज हो जाते हैं। जब डेंगू ज्यादा बढ़ जाता है तो रोगी को बार-बार उल्टियां होने लगती है सांसे बहुत तेज चलने लगती है। पेट में दर्द के साथ व्यक्ति तो बहुत कमजोरी हो जाती है। यहां तक की मसूड़ो में खून आने के साथ उल्टी में भी खून आ सकता है।
- कोरोना के लक्षण
कोरोना का इंफेक्शन होने पर बुखार, सांस लेने में परेशानी, बलगम वाली खांसी आदि लक्षण दिखाई देते हैं। कोरोना वायरस होने पर रोगी को दस्त भी लग जाते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के लक्षणों में समय-समय पर बदलाव देखने को मिला है जैसे किसी भी तरह की गंध महसूस न होना, स्वाद पता न चलना, स्किन पर रेशैज होना आदि।
लक्षण कुछ भी हो लेकिन दोनों ही बीमारियां घातक हैं, इसलिए इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। तो वहीं डेंगू में कुछ घरेलूू उपाय भी फायदा पहुंचाते हैं। शरीर की इम्यूनिटी को सही रखकर कोरोना से भी बचा जा सकता है।
डेंगू के बुखार में गिलोय का जूस बहुत फायदेमंद होता है यह हमारे शरीर की इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। एक गिलास पानी में गिलोय के दो तनों को अच्छी तरह से उबालें इस पानी को हल्का ठंडा करके पिएं। इससे शरीर में प्लेटलेट्स भी बढ़ती है। गिलोय की टेबलेट से भी इम्यूनिटी को मजबूत किया जा सकता है।
पपीते के पत्तों का जूस इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग तो करता ही है यह डेंगू के रोगी के लिए बहुत कारगर होती है। पपीते के पत्तों का रस बनाकर पी सकते हैं। इस जूस को दिनभर में दो से तीन बार लें।