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सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में क्या होता है अंतर? जानिए कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह
Tue, 22 Sep 2026 03:55 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 22 Sep 2026 03:55 PM IST
सार
Migraine vs Headaches: अगर आप भी बार-बार होने वाले सिरदर्द से परेशान हैं तो संभल जाइए। ये माइग्रेन भी हो सकता है। आइए जानते हैं इनमें अंतर और पहचान का सही तरीका
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सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
- फोटो : AI
Migraine vs Headaches: बार-बार होने वाला सिरदर्द आजकल एक आम समस्या बन गई है। कई लोग इसे थकान, तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर सिरदर्द एक जैसा नहीं होता। सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।
सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
- फोटो : Freepik.com
सामान्य सिरदर्द
इसमें दर्द हल्का से मध्यम हो सकता है। यह अक्सर पूरे सिर, माथे या सिर के दोनों तरफ महसूस होता है। तनाव, थकान, नींद की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या शरीर में पानी की कमी के कारण ऐसा सिरदर्द हो सकता है। आराम करने, पर्याप्त पानी पीने और नींद पूरी करने से कई बार इसमें राहत मिल जाती है।
सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
- फोटो : AI
माइग्रेन
माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द की तुलना में अधिक तेज और परेशान करने वाला हो सकता है। यह अक्सर सिर के एक हिस्से में धड़कने या तेज चोट जैसी अनुभूति के साथ होता है। कुछ लोगों में दर्द कई घंटों तक बना रह सकता है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। माइग्रेन के दौरान सिरदर्द के अलावा मतली, उल्टी, चक्कर और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को तेज गंध से भी परेशानी महसूस होती है।
माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द की तुलना में अधिक तेज और परेशान करने वाला हो सकता है। यह अक्सर सिर के एक हिस्से में धड़कने या तेज चोट जैसी अनुभूति के साथ होता है। कुछ लोगों में दर्द कई घंटों तक बना रह सकता है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। माइग्रेन के दौरान सिरदर्द के अलावा मतली, उल्टी, चक्कर और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को तेज गंध से भी परेशानी महसूस होती है।
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सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
- फोटो : AI
ट्रिगर
तनाव, नींद का कम या ज्यादा होना, लंबे समय तक भूखे रहना, पानी की कमी, तेज रोशनी, तेज आवाज और कुछ खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। हर व्यक्ति के ट्रिगर अलग हो सकते हैं।
तनाव, नींद का कम या ज्यादा होना, लंबे समय तक भूखे रहना, पानी की कमी, तेज रोशनी, तेज आवाज और कुछ खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। हर व्यक्ति के ट्रिगर अलग हो सकते हैं।
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सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर
- फोटो : Freepik.com
कब डॉक्टर को दिखाएं
अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज शुरू हो, पहली बार इस तरह का गंभीर दर्द हो, या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी, तेज बुखार, गर्दन में अकड़न या देखने में गंभीर बदलाव जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बार-बार होने वाले सिरदर्द के लिए भी डॉक्टर से जांच और सही कारण की पहचान कराना बेहतर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज शुरू हो, पहली बार इस तरह का गंभीर दर्द हो, या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी, तेज बुखार, गर्दन में अकड़न या देखने में गंभीर बदलाव जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बार-बार होने वाले सिरदर्द के लिए भी डॉक्टर से जांच और सही कारण की पहचान कराना बेहतर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।