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अच्छा और पौष्टिक खान-पान हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, ऐसा हम सभी बचपन से ही सुनते आ रहे हैं। पर अच्छा खान-पान है क्या? क्या आप इस बारे में जानते हैं? आहार विशेषज्ञों के मुताबिक जिस भोजन का पाचन अच्छी तरह से हो सके और जो पौष्टिकता की मात्रा से भरपूर हो, उसे ही अच्छा भोजन माना जाता है। जब बात पाचन और पौष्टिकता की हो तो डाइट्री फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन सबसे बेहतर माना जाता है। मुख्य रूप से फलों, सब्जियों, साबुत अनाज में पाए जाने वाले डाइट्री फाइबर को पेट को ठीक रहने और कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में सबसे कारगर माना जाता है। पाचन को ठीक रखने के साथ डाइट्री फाइबर कई अन्य तरह से हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इतना ही नहीं कई प्रकार के गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को भी आहार में डाइट्री फाइबर की मात्रा को बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
इस लेख में हम जानेंगे कि डाइट्री फाइबर किस तरह से हमारे सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, साथ ही किन खाद्य पदार्थों से इसे प्राप्त किया जा सकता है?
सलाह: ऐसे भोजन का करें सेवन, डायबिटीज से लेकर कैंसर तक सभी में मिलेगा लाभ
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डाइट्री फाइबर क्या है?
आहार और पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह, हृदय रोग और कुई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने के साथ डाइट्री फाइबर वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायक हो सकता है। डाइट्री फाइबर एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट होता है जिसे शरीर अच्छी तरह से पचा नहीं पाता है। वसा, प्रोटीन या कार्बोहाइड्रेट की तरह हमारा शरीर फाइबर का पाचन नहीं करता है। यह मुख्यरूप से दो प्रकार के होते हैं।
- अघुलनशील फाइबर, पानी में घुलता नहीं है और कब्ज को रोकने में सहायक है।
- घुलनशील फाइबर पानी को अवशोषित करके पाचन तंत्र में जेल जैसा पदार्थ बनता है। घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
अधिकांश हाई फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में अघुलनशील और घुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं। इसलिए इसके अंतर के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक फलों और सब्जियों को डाइट्री फाइबर का मुख्य स्रोत माना जाता है। फाइबर के सप्लीमेंट लेने के बजाय भोजन के माध्यम से इसे प्राप्त करना ज्यादा फायदेमंद है। इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के सुझावों के मुताबिक 50 वर्ष के कम आयु के पुरुषों को प्रतिदिन 38 ग्राम जबकि महिलाओं को 25 ग्राम की मात्रा में फाइबर का सेवन जरूर करना चाहिए। डाइट्री फाइबर के मुख्य स्रोत निम्नलिखित हो सकते हैं।
- साबुत अनाज उत्पाद
- फल
- सब्जियां
- बीन्स, मटर और अन्य फलियां
- नट्स और सीड्स
डाइट्री फाइबर को स्वस्थ आहार का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है। यह आंत को स्वस्थ रखने के साथ और स्वास्थ्य से जुड़ी क्रोनिक समस्याओं को कम करने में बेहद फायदेमंद हो सकता है। साल 2009 में की गई समीक्षा के अनुसार डाइट्री फाइबर को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों (कोलोरेक्टल अल्सर, हाइटल हर्नियास, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, डायवर्टीकुलर डिजीज) को ठीक करने में बेहद कारगर पाया गया। इसके बाद साल 2019 में किए गए एक समीक्षा के अनुसार यह कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है।
कई अध्ययनों से पता चलता है कि आहार में डाइट्री फाइबर को शामिल करने से मधुमेह में भी लाभ मिलता है। फाइबर, शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करने में मददगार है, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है। साल 2018 में की गई समीक्षा में बताया गया कि उच्च फाइबर वाले आहार का सेवन करने वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज होने का जोखिम कम होता है। इन व्यक्तियों ने रक्त शर्करा के स्तर में कमी का भी अनुभव किया।