स्तन कैंसर, वैश्विक स्तर पर महिलाओं में तेजी से बढ़ते कैंसरों में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में 35 साल से कम उम्र की महिलाओं के स्तन कैंसर की चपेट में आने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसके लिए आनुवांशिक कारकों के साथ मोटापा और गतिहीन जीवनशैली को जिम्मेदार माना जा रहा है।
जानना जरूरी: कम उम्र से ही ये उपाय आपको स्तन कैंसर से रख सकते हैं सुरक्षित, ये दो आदतें सबसे बड़ी दुश्मन
हार्वर्ड के अध्ययन में क्या पता चला?
स्तन कैंसर के जोखिमों को कैसे कम किया जा सकता है, इस बारे में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं के आहार में फाइबर की अधिकता अधिक होती है उनमें इस प्रकार के कैंसर का जोखिम कम देखा गया है। शुरुआती वयस्कता में अधिक डाइट्री फाइबर वाली चीजें खाने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा 12% -19% कम पाया गया।
किशोरावस्था के दौरान फाइबर का अधिक सेवन स्तन कैंसर के 16% और रजोनिवृत्ति से पहले इसके खतरे को 24% तक कम कर सकती है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
लेखकों ने अनुमान लगाया कि अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाने से रक्त में एस्ट्रोजन के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, जो स्तन कैंसर के खतरे को कम कर देती है। हार्वर्ड चेन स्कूल में महामारी विज्ञान और पोषण के प्रोफेसर फ्रेडरिक जॉन स्टेयर कहते हैं, पहले के कई अन्य अध्ययनों से हम जानते हैं कि स्तनों के ऊतक, विशेष रूप से बचपन और किशोरावस्था के दौरान कार्सिनोजेन से प्रभावित होते हैं। इस अवधि के दौरान अगर आहार का ध्यान रखा जाए तो इससे भविष्य में कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
विटामिन-डी की कमी बढ़ा देती है जोखिम
इसके अलावा एक अन्य शोध से पता चलता है कि जिन महिलाओं में विटामिन-डी का स्तर कम होता है उनमें स्तन कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। विटामिन-डी, सामान्य स्तन कोशिकाओं में वृद्धि को नियंत्रित करने में भूमिका निभाती और स्तन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में सक्षम है। जिसका मतलब है कि अगर कम उम्र से ही लड़कियों के आहार में विटामिन-डी की बेहतर मात्रा को सुनिश्चित किया जाए तो इससे स्तन कैंसर के खतरे से बचा जा सकता है।
ये आदतें सबसे बड़ी दुश्मन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, वैसे तो स्तन कैंसर को बढ़ाने वाले कई जोखिम कारक हो सकते हैं, पर जिन आदतों को सबसे खतरनाक माना जा रहा है उनमें तंबाकू-शराब का सेवन और शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख है। तम्बाकू का उपयोग स्तन कैंसर के उच्च जोखिम से जुड़ा हुआ है, खासकर युवा महिलाओं में ये गंभीर जोखिम कारक है। इसी प्रकार अध्ययनों में पाया गया कि जो महिलाएं रोजाना शराब पीती हैं, भले ही इसकी मात्रा कम हो, उनमें स्तन कैंसर होने का खतरा 20% अधिक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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