देश में हर साल सितंबर-अक्तूबर के महीने में डेंगू के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इस साल भी राजधानी दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में मच्छरजनित इस रोग के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की खबरें हैं। दिल्ली के अस्पतालों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक पिछले एक माह के भीतर रोगियों की संख्या बढ़ी है, ज्यादातर लोग आसानी से ठीक होकर लौट रहे हैं। हालांकि इस बार राजधानी में डेंगू के सबसे गंभीर स्ट्रेन DEN-2 के मामले अधिक देखे जा रहे हैं, जिसके कारण डेंगू और इसकी जटिलताएं अधिक हो सकती हैं।
Dengue Risk: दूसरी बार डेंगू हो जाए तो क्या होगा इसका असर, कितनी गंभीर हो सकती है ये समस्या?
डेंगू का संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू का संक्रमण आपको जीवन में कई बार हो सकता है और सभी उम्र के लोगों में इसे रोग का जोखिम देखा जाता रहा है। आमतौर पर संक्रामक बीमारियों के संदर्भ में माना जाता है कि अगर आप एक बार संक्रमण के शिकार हो गए हैं तो इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जो आपको अगली बार संक्रमण के जोखिमों से बचाने में मदद कर सकती है।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू के किसी एक वैरिएंट से संक्रमित होने के बाद अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ शरीर में प्रतिरक्षा विकसित होने के सबूत नहीं हैं।
अगला संक्रमण हो सकता है गंभीर
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट कहती हैं, डेंगू के मुख्यरूप से चार स्ट्रेन देखे जाते रहे हैं, यद्यपि सभी चार सीरोटाइप एंटीजेनिक रूप से समान हैं, उनमें से किसी एक द्वारा संक्रमण के बाद केवल कुछ महीनों के लिए क्रॉस-प्रोटेक्शन प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी अन्य सीरोटाइप के कारण अगर आपको दूसरी बार डेंगू का संक्रमण होता है तो ये अपेक्षाकृत अधिक गंभीर हो सकता है। डेंगू का हर बार अगला संक्रमण गंभीर रोग वाला हो सकता है।
डेंगू के दोबारा संक्रमण का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दूसरी बार डेंगू का संक्रमण होने का खतरा काफी आम है, हालांकि, दूसरी बार संक्रमण की स्थिति में रोग के समय या क्लीनिकल प्रजिंटेशन में बदलाव देखा जा सकता है। दूसरी बार संक्रमण की स्थिति में मच्छर के काटने के अगले पांच दिनों के भीतर रोग की स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू के गंभीर मामलों में डेंगू हेमोरेजिक शॉक, आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा रहता है, जिसमें अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
डेंगू से बचाव के लिए करें उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दूसरी बार संक्रमण के जोखिमों से बचाव के लिए उपाय करते रहना बहुत जरूरी है। डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए सुरक्षात्मक उपाय करें। मच्छरों के प्रजनन स्थलों जैसे जलजमाव को खत्म करें और कीटनाशकों का छिड़काव कराएं, डेंगू के मच्छरों के काटने से बचाव के लिए भी प्रयास करते रहना जरूरी है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए, जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोरी होती है उनमें गंभीर रोग विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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