राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़ने की खबर है। पिछले महीने सितंबर तक जहां राजधानी में डेंगू के 700 से अधिक मामले सामने आए थे, वहीं पिछले एक सप्ताह के भीतर ही नई दिल्ली में 400 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं। मामलों में हो रही बढ़ोतरी के बीच अधिकारियों ने 250 से अधिक हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां मच्छरों के बड़े पैमाने पर प्रजनन पाए गए हैं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मुताबिक डेंगू से बचाव के लिए दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, इसके साथ-साथ सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर भी इस खतरे से बचे रहने के प्रयास करते रहने चाहिए।
Health Tips: राजधानी दिल्ली में 'डेंगू का डंक', एक हफ्ते में 400 से अधिक मामले, जानिए कैसे रहें इससे सुरक्षित
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डेंगू के जोखिमों के बारे में जानिए
डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है। डेंगू के अधिकतर मामले वैसे तो सामान्य दवाइयों और आराम करने से ठीक हो जाते हैं हालांकि कुछ लोगों में इसके गंभीर मामले देखे जा सकते हैं। यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए संक्रमण की स्थिति पर समय रहते ध्यान देना और इसका इलाज प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है।
डेंगू के लिए फिलहाल कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। डॉक्टर इलाज के माध्यम से रोग के लक्षणों को कम करने और इसको गंभीर रूप लेने से बचाने का प्रयास करते हैं।
समय रहते इसके लक्षणों की करें पहचान
डॉक्टर्स बताते हैं, 4 में से एक डेंगू से संक्रमित व्यक्ति में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा हो सकता है। इसके शुरुआत में ज्यादातर लक्षण फ्लू की तरह होते हैं, हालांकि इसमें से कुछ विशेषतौर पर डेंगू में ही देखे जाते हैं जिनपर ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।
डेंगू के सबसे आम लक्षणों में मतली-उल्टी, त्वचा पर चकत्ते, आंखों में दर्द, आमतौर पर आंखों के पीछे, मांसपेशियों-जोड़ों या हड्डियों में दर्द की समस्या हो सकती है। डेंगू के लक्षण आमतौर पर 2-7 दिनों तक रहते हैं। ज्यादातर लोग लगभग एक हफ्ते बाद ठीक हो जाते हैं।
डेंगू हो जाए तो क्या करें?
डॉक्टर्स कहते हैं, यदि ब्लड टेस्ट के माध्यम से आपमें डेंगू का पता चलता है तो इलाज के लिए किसी डॉक्टर से जरूर मिलें। बुखार को नियंत्रित करने और दर्द से राहत पाने के लिए पेरासिटामोल दवा दी जाती है। एस्पिरिन या इबुप्रोफेन न लें। डेंगू में हाइड्रेटेड रहना बहुत आवश्यक है इसके लिए खूब सारे तरल पदार्थ पिएं। डेंगू में शरीर को आराम दें और अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। कुछ संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?
डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। डेंगू से बचे रहने के लिए मच्छरों के प्रजनन को रोकें, इसके लिए जल जमाव को साफ करें। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पानी में प्रजनन करते हैं। डेंगू के मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के शर्ट और पैंट पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। जिन स्थानों पर डेंगू का प्रकोप है वहां जाने से बचें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।