फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ध्यान दें: आवाज में अजीब सा बदलाव महसूस होना इस गंभीर रोग का माना जाता है संकेत, ऐसे करें स्थिति की सही पहचान

Sat, 08 Oct 2022 05:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 08 Oct 2022 05:58 PM IST
विज्ञापन
What Diseases Affect Your Voice, can thyroid problems cause voice changes
आवाज में होने वाली बदलाव की समस्या - फोटो : istock

मौसम बदलने या गले में होने वाले किसी प्रकार के संक्रमण के कारण अक्सर आपको अपनी आवाज में कुछ बदलाव महसूस हो सकता है। वायरस जब वोकलकार्ड या स्वरग्रंथियों पर हमला कर देता है, सामान्यतौर पर उस स्थिति में इस प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं, हालांकि यह समस्या दो-तीन दिनों में ठीक भी हो जाती है। पर अगर आपको कुछ समय से आवाज में अजीब सा बदलाव महसूस हो रहा है और यह सामान्य उपायों से ठीक नहीं हो रहा है तो इस बारे में सावधान हो जाने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थाइराइड विकारों में भी लोगों को इस प्रकार की दिक्कत महसूस हो सकती है।



यूरेशियन जर्नल ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति में अन्य लक्षणों के साथ कुछ लोगों में आवाज में बदलाव की समस्या भी देखी जाती रही है। हाइपोथायरायडिज्म (अंडरएक्टिव थायरॉइड) एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायरॉइड ग्रंथि कुछ महत्वपूर्ण हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाती है। आवाज में होने वाले बदलाव के आधार पर इस स्थिति का शुरुआती चरणों में ही पता लगाकर इलाज किया जा सकता है।

अगर आपको भी आवाज में परिवर्तन महसूस हो रहा हो तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। आइए इस स्थिति के बारे में विस्तार से समझते हैं।

What Diseases Affect Your Voice, can thyroid problems cause voice changes
क्यों होती है आवाज में बदलाव की समस्या? - फोटो : istock

आवाज में बदलाव को लेकर बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, थायरॉइड विकारों के कारण होने वाली इस तरह की समस्या में आपको आवाज में कई प्रकार के बदलाव महसूस हो सकते हैं। कुछ लोगों ने ऐसे स्थिति में रफ आवाज, आवाज कम होने, धीरे बोलने या कर्कश ध्वनि आने की शिकायत की है। विशेषज्ञ बताते हैं, थायरॉइड ग्रंथि की निष्क्रियता के कारण शारीरिक कार्यों की रफ्तार भी धीमी हो जाती है जिसके कारण तंत्रिकाओं से संबंधित कुछ विकार भी उत्पन्न होने लगते हैं। ध्वनि ग्रंथि में होने वाली समस्या के कारण आवाज में इस प्रकार का बदलाव हो सकता है जिसपर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

What Diseases Affect Your Voice, can thyroid problems cause voice changes
थाइरॉइड विकारों के बारे में जानिए - फोटो : istock

हाइपोथायरायडिज्म की गंभीरता के बारे में जानिए

डॉक्टर्स कहते हैं, आवाज में बदलाव की समस्या पर ध्यान देकर थाइरॉइड विकारों के बारे में समय रहते जाना जा सकता है। प्रारंभिक अवस्था में यह गले में खराश जैसी महसूस हो सकती है, कुछ दिनों तक बनी रहने वाली दिक्कत के बारे में डॉक्टर से सलाह लेकर जांच जरूर करा लेनी चाहिए।

हाइपोथायरायडिज्म का समय पर पहचान और इलाज आवश्यक है। इसके लक्षणों को अनदेखा करना अनियंत्रित रूप से वजन बढ़ने से लेकर कोमा तक और गंभीर मामलों में मृत्यु तक का भी कारण बन सकती है। हाइपोथायरायडिज्म के अन्य लक्षणों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहें।

विज्ञापन
विज्ञापन
What Diseases Affect Your Voice, can thyroid problems cause voice changes
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : iStock

हाइपोथायरायडिज्म के संकेतों को जानिए

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हाइपोथायरायडिज्म की शुरुआती स्थिति में अक्सर लोगों को थकान और तेजी से वजन बढ़ने की समस्या होती है। जैसे-जैसे इस विकार में आपका मेटाबॉलिज्म धीमा होता जाता है, आपको और अधिक समस्याएं हो सकती हैं।

  • ठंड के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना।
  • कब्ज- त्वचा का सूखापन।
  • मांसपेशी में कमज़ोरी
  • कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाना।
  • जोड़ों में दर्द, जकड़न या सूजन।
  • मासिक धर्म में अनियमितता।
  • बालों का झड़ना
  • हृदय गति कम हो जाना। 
विज्ञापन
What Diseases Affect Your Voice, can thyroid problems cause voice changes
थायरॉइड विकारों के जोखिम कारक क्या हैं? - फोटो : Pixabay

हाइपोथायरायडिज्म का खतरा किन्हें अधिक होता है?

हाइपोथायरायडिज्म से बचाव नहीं किया ज सकता है, समय पर इसके लक्षणों पर ध्यान देकर इसकी गंभीरता को कम किए जाने के उपाय किए जाने चाहिए। कुछ लोगों में इस रोग का खतरा अधिक होता है, इसके जोखिम को समझते हुए बचाव के उपाय करें।

महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हाइपोथायरायडिज्म का जोखिम अधिक होता है, इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को हाइपोथायरायडिज्म रह चुका है उन्हें भी सावधानी बरतनी चाहिए। अपने जोखिम कारकों को ध्यान में रखते हुए इसके लक्षणों पर ध्यान देकर बचाव के उपाय करने की सलाह दी जाती है।



 

---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed