डेमेंशिया, मानसिक स्वास्थ्य की एक गंभीर समस्या है, जिसमें याददाश्त, सामाजिक चेतना, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहार में परिवर्तन हो जाता है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याओं के संयोजन के कारण डेमेंशिया की समस्या होती है। सामान्यतौर पर यह दिक्कत उम्रदराज लोगों में देखी जाती रही है पर अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार पाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेमेंशिया के लिए पर्यावरणीय और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जीवनशैली की गड़बड़ आदतों को भी प्रमुख कारण के तौर पर देखते हैं। यानी कि आपके रहन-सहन और खान-पाने की आदतें डेमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
Health Tips: याददाश्त की बीमारी बढ़ा सकती हैं ऐसे खान-पान और जीवनशैली की आदतें, कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां?
कम उम्र से ही करें बचाव
हार्वर्ड टीएच चेन स्कूल के विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही लोगों को डेमेंशिया से बचाव के तरीके अपनाना शुरू कर देना चाहिए। शारीरिक गतिविधि बढ़ाना और आहार में स्वस्थ और पौष्टक चीजों को शामिल करना आपके जोखिम कारकों को कम करने में सहायक है। फ्लेवोनोइड्स वाले खाद्य पदार्थ खाने से दिमाग तेज रखने में मदद मिलती है। सभी लोगों को अपनी जीवनशैली पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
ऐसी आदतें बढ़ा देती हैं खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हम सभी जाने-अनजाने कई तरह की ऐसी चीजें करते रहते हैं जिनके कारण डेमेंशिया होने का खतरा बढ़ सकता है।
- पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में समय के साथ डेमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है।
- सामाजिक रूप से अलग-थलग रहना आपमें इसका खतरा बढ़ा सकता है।
- आहार में पौष्टिकता की कमी।
- सेंडेंटरी लाइफस्टाइल से बढ़ सकती है जोखिम।
- पर्याप्त धूप न मिल पाना भी इसके जोखिम को बढ़ा सकता है।
ऐसे रहें सुरक्षित
जॉन हापकिंस के विशेषज्ञ बताते हैं, जीवनशैली में कुछ बातों का ध्यान रखकर डेमेंशिया के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए सभी लोग इसपर गौर करें।
- उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें।
- मधुमेह के जोखिम कारकों को समझें।
- धूम्रपान से दूरी बनाएं।
- वजन को नियंत्रण में रखने का प्रयास करें।
- शारीरिक गतिविधि स्वस्थ जीवन के लिए बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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