फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावधान: आपके मेंटल हेल्थ के लिए भी ठीक नहीं है प्रदूषण, दिल्ली में बिगड़ते हालात को लेकर डॉक्टर ने किया सावधान

Sat, 16 Nov 2024 12:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 16 Nov 2024 12:50 PM IST
सार

शोधकर्ताओं ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव देखे गए हैं।  जो लोग वायु प्रदूषण के संपर्क में रहते हैं उनमें समय के साथ चिंता, अवसाद और मानसिक विकार जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है।

विज्ञापन
delhi air pollution update how air pollution affects mental health know its other risk
प्रदूषण के दुष्प्रभाव - फोटो : Freepik.com

वायु प्रदूषण संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पिछले करीब दो महीने से जिस तरह से हवा की गुणवत्ता खराब और बेहद खराब स्तर की बनी हुई है, वह निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाली है। अध्ययनों से पता चलता है कि प्रदूषित हवा के लगातार संपर्क में रहने के कारण सेहत पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकाता है।



प्रदूषण फेफड़ों के लिए तो खतरनाक है ही साथ ही इसका हृदय स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर भी असर हो सकता है। इसके दुष्प्रभाव बस यहीं तक सीमित नहीं हैं, हालिया अध्ययनों में बढ़ते प्रदूषण के कारण मेंटल हेल्थ की समस्याओं को लेकर भी विशेषज्ञों ने लोगों को सावधान किया है।

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव देखे गए हैं। दुषित हवा के संपर्क में आप जितना अधिक रहते हैं आपमें स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का खतरा उतना ही बढ़ता जाता है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को इससे बचाव को लेकर निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।

ये भी पढ़ें-  बच्चों की सेहत के लिए ये कितना खतरनाक है प्रदूषण

delhi air pollution update how air pollution affects mental health know its other risk
मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Freepik.com

वायु प्रदूषण का मानसिक स्वास्थ्य पर असर

अध्ययनों में पाया गया है कि वायु प्रदूषण के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्या और मस्तिष्क संबंधित बीमारी, दोनों का खतरा रहता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग वायु प्रदूषण के संपर्क में रहते हैं उनमें समय के साथ चिंता, अवसाद और मानसिक विकार होने का जोखिम बढ़ सकता है। कुछ अध्ययनों में इसे डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसे मस्तिष्क रोगों के जोखिम को भी बढ़ाने वाला पाया गया है।

प्रदूषित हवा को बच्चों और किशोरों के मेंटल हेल्थ के लिए भी हानिकारक माना जाता है। वायु की खराब गुणवत्ता के संपर्क में रहने वाले बच्चों और किशोरों में भविष्य में बाइपोलर डिसऑर्डर, सिजोफ्रेनिया, व्यक्तित्व संबंधित विकार और आत्महत्या के विचार विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है।

delhi air pollution update how air pollution affects mental health know its other risk
वायु प्रदूषण का सेहत पर असर - फोटो : Adobe stock

प्रदूषण के कारण होने वाली दिक्कतें

अब सवाल ये है कि वायु प्रदूषण मानसिक स्वास्थ्य को किस प्रकार से नुकसान पहुंचाता है?

इसे समझने के लिए किए गए अध्ययन में पाया गया कि प्रदूषित हवा में नाइट्रिक ऑक्साइड और अन्य गैसों-रसायनों की अधिकता होती है।  नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर में हर 10 μg/m3 की वृद्धि, उस स्थान पर रहने वाले लोगों में डिप्रेशन होने के खतरे को दोगुना तक बढ़ा देती है। इसके अलावा प्रदूषित हवा में मौजूद अन्य हानिकारक रसायनों को मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करके स्ट्रेस और आत्महत्या के जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
delhi air pollution update how air pollution affects mental health know its other risk
मस्तिष्क की समस्याएं - फोटो : Freepik.com

मस्तिष्क की समस्याएं

शोध बताते हैं कि वायु प्रदूषण मस्तिष्क में सूजन पैदा कर सकता है, जिसके कारण न्यूरॉन्स और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है। मस्तिष्क में सूजन की स्थिति को डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों के लिए प्रमुख कारण माना जाता रहा है।

प्रदूषण के कारण होने वाले जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इससे बचाव करते रहने की सलाह देते हैं। 

विज्ञापन
delhi air pollution update how air pollution affects mental health know its other risk
वायु प्रदूषण से करें बचाव - फोटो : Adobe stock

क्या कहते हैं डॉक्टर?

गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल में श्वसन चिकित्सा के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अरुणेश कुमार ने कहा प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए सभी लोगों को विशेष रूप से सुबह और देर शाम के समय बाहरी गतिविधियों से बचाव करना चाहिए। इस दौरान वायु गुणवत्ता आमतौर पर सबसे खराब होती है। यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो N95 या अच्छी क्वालिटी के मास्क पहनें। इससे हानिकारक कणों को फिल्टर करने में मदद मिल सकती है।

बाहरी प्रदूषण के अलावा घर के अंदर का प्रदूषण भी खतरनाक है, इससे बचाव के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। एलोवेरा और स्नेक प्लांट जैसे इनडोर प्लांट प्राकृतिक रूप से वायु गुणवत्ता में सुधार करते हैं। 




-------------------
स्रोत और संदर्भ
Poor air quality found to affect mental health in many ways


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed