डिहाइड्रेशन यानी कि शरीर में पानी की कमी हो जाने की स्थिति के कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आमतौर पर गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू की स्थिति में शरीर से अधिक पसीना निकल जाता है और इस अनुपात में हम कम पानी पीते हैं तो, डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे अधिक होता है। पर क्या आप जानते हैं कि सर्दियों के इस मौसम में भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है?
ध्यान दें: सर्दियों में डिहाड्रेशन, बढ़ा सकती है किडनी की दिक्कत, कहीं आप भी तो नहीं पीते हैं कम पानी?
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सर्दियों में डिहाइड्रेशन
न्यू हैम्पशायर यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में पाया गया कि ठंड के महीनों में भी निर्जलीकरण की दिक्कत हो सकती है, यह उतना ही हानिकारक स्थिति है जितना गर्मियों में होने वाला डिहाइड्रेशन। कम तापमान में, भारी कपड़ों के वजन के नीचे शरीर को भी अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ठंडी, शुष्क हवा में पसीना जल्दी से वाष्पित हो जाता है। इसके अलावा भी कुछ स्थितियां ठंड में डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती हैं, जिसमें कॉफी-चाय का अधिक सेवन है। कॉफी को मूत्रवर्धक माना जाता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी होने का खतरा हो सकता है।
डिहाइड्रेशन के कारण हो सकती हैं इस तरह की दिक्कतें
गर्मी के मौसम में होने वाले निर्जलीकरण की तरह, ठंड के मौसम का डिहाड्रेशन भी कई प्रकार से समस्याकारक हो सकता है। इसके लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी है। अधिक प्यास लगना, मुंह बार-बार सूखना, त्वचा का रूखापन, थकान और चक्कर आने जैसी स्थिति इस बात का संकेत हो सकती है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है।
शरीर में पानी की कमी बने रहना कुछ स्थितियों में गंभीर रोग जैसे बुखार, मांसपेशियों में ऐंठन, त्वचा में सख्ती आदि का भी कारण बन सकती है।
डिहाइड्रेशन को हो सकते हैं गंभीर साइड इफेक्ट्स
डायबिटीज और अन्य क्रोनिक स्थिति वाले लोगों को डॉक्टर बार-बार पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। लंबे समय तक या बार-बार डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई), किडनी स्टोन और यहां तक कि किडनी फेलियर की भी समस्या हो सकती है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन की स्थिति में लो ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक होता है जिसे गंभीर समस्याकारक माना जाता है।
सर्दियों में हाइड्रेशन का रखें ध्यान
ठंडे मौसम के दौरान भी हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। पानी पीते रहने के साथ कुछ और बातों का ध्यान रखकर समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। शारीरिक व्यायाम बाद हाइड्रेशन को ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है।
- आपको कब पानी पीना है इसकी एक सूची बना लें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें।
- फल और सब्जियों का सेवन करें, इससे शरीर को पोषक तत्वों के साथ पानी भी मिलता रहता है।
- कॉफी-चाय के सेवन सीमित मात्रा में करें, क्योंकि इससे निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।