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Crohn’s Disease: सात लाख से अधिक अमेरिकी लोगों को है ये बीमारी, इसका इलाज भी नहीं, आपमें तो नहीं हैं ऐसे लक्षण

Sun, 03 Mar 2024 03:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 03 Mar 2024 03:38 PM IST
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क्रोहन डिजीज की समस्या - फोटो : iStock

क्रोहन डिजीज के मामले दुनिया के कई देशों में बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक अकेले अमेरिका में ही सात लाख से अधिक लोग इसके शिकार हो सकते हैं। आंतों की ये बीमारी कई मामलों में गंभीर समस्याकारक मानी जाती है, अब तक इस रोग का कोई विशिष्ट उपचार भी नहीं है इसलिए इसकी जटिलताओं के और भी बढ़ने का खतरा हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में भी क्रोहन डिजीज के रोगियों की संख्या बढ़ती देखी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस रोग के बारे में जानने और बचाव करते रहने की सलाह देते हैं।



क्रोहन डिजीज, इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) का ही एक प्रकार है। यह आपके पाचन तंत्र में ऊतकों के सूजन का कारण बन सकती है, इसके कारण पेट में दर्द, गंभीर दस्त, थकान, वजन कम होने और कुपोषण का खतरा हो सकता है। क्रोहन रोग में होने वाले सूजन के कारण पाचन तंत्र के अलग-अलग हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं, कुछ लोगों में इंफ्लामेशन की दिक्कत आंतों की गहराई तक भी फैल जाती है।

कहीं आप को भी तो ये बीमारी नहीं है? आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।

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आंतों में सूजन की समस्या - फोटो : Pixabay

क्रोहन डिजीज का बढ़ता खतरा

क्रोहन डिजीज की स्थिति काफी दर्दनाक और आपको कमजोर करने वाली हो सकती है। कुछ स्थितियों में इसके कारण जानलेवा समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। क्रोहन डिजीज का अब तक कोई ज्ञात इलाज नहीं है, लेकिन उपचार में इसके संकेतों और लक्षणों को कम करने के लिए सहायक विधियों को प्रयोग में लाया जाता है।

क्रोहन डिजीज में आपकी छोटी-बड़ी दोनों आंतें प्रभावित हो सकती है। अगर इस बीमारी पर समय रहते ध्यान न दिया जाए या फिर इसका इलाज न हो पाए तो लिवर और किडनी से संबंधित समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है।

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क्रोहन डिजीज के बारे में जानिए - फोटो : Pexels

क्रोहन डिजीज के लक्षणों के बारे में जानिए

क्रोहन डिजीज के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। आमतौर ये रोग धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन कभी-कभी इसके लक्षण बिना किसी चेतावनी के अचानक भी हो सकते हैं। क्रोहन डिजीज के लक्षणों के बारे में जानना और समय रहते इसका पहचान करना आवश्यक हो जाता है।

क्रोहन डिजीज के कारण आपको दस्त, बुखार, थकान, पेट में दर्द और ऐंठन, शौच से खून आने, बार-बार मुंह के छाले होने और भूख कम लगने की समस्या हो सकती है। गंभीर बीमारी के शिकार लोगों को समय के साथ त्वचा, आंखों और जोड़ों में सूजन और किडनी स्टोन जैसी समस्या भी हो सकती है।

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पेट में होने वाली दिक्कतें - फोटो : pixabay

महिलाओं में होते हैं ऐसे लक्षण

जिन महिलाओं को क्रोहन डिजीज होता है, उनमें हार्मोनल विकारों का खतरा भी अधिक हो सकता है। इस स्थिति में अन्य लक्षणों के साथ अनियमित मासिक धर्म या फिर इससे संबंधित विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। क्रोहन डिजीज, पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित कर देती है और आंतों में रक्तस्राव का कारण बन सकती है इसलिए महिलाओं में आयरन की कमी या एनिमिया होने का खतरा भी अधिक हो सकता है। ये बीमारी यौन इच्छाओं में कमी और शरीर की छवि को भी प्रभावित कर सकती है।

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पाचन स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : iStock

उपचार उपलब्ध नहीं, फिर क्या करें? 

क्रोहन डिजीज का वर्तमान में कोई इलाज नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रोग के लक्षणों के आधार पर विभिन्न प्रकार के सहायक उपचार प्रक्रियाओं को प्रयोग में लाया जाता है। कुछ प्रकार की दवाइयां शरीर में सूजन को कम कर देती हैं। दस्त और पाचन की दिक्कतों को कम करने के लिए कुछ दवाएं विशेष लाभकारी हो सकती हैं।

गंभीर स्थिति वाले रोगियों को सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। धूम्रपान की आदत को छोड़कर इस गंभीर रोग से बचाव करने में मदद मिल सकती है। लक्षणों पर ध्यान देना और समय पर इसका इलाज कराना आवश्यक हो जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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