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Covid Study: ब्रेन के इस हिस्से को कोरोना ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित, जानिए क्या हो सकते हैं इसके दुष्प्रभाव

Thu, 15 Jun 2023 03:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 15 Jun 2023 03:32 PM IST
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COVID-19's effects on the brain cerebellum, it may cause diffusion and abnormalities
कोरोना के दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay

कोरोना संक्रमण ने कई प्रकार से हमारी सेहत को प्रभावित किया है। डेल्टा जैसे वैरिएंट के प्रकोप के दौरान लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखी गईं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस भले ही श्वसन संक्रमण माना जाता रहा है, पर इसका शरीर पर कई प्रकार से दुष्प्रभाव हो सकता है। फेफड़े, हृदय से लेकर मानव मस्तिष्क तक पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे गए। वैश्विक स्तर पर संक्रमण का शिकार रहे लाखों लोग एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अब तक पूरी तरह से रिकवर नहीं हो पाए हैं।



फिलहाल दुनियाभर में कोरोना के मामले काफी कंट्रोल में हैं। हालांकि इसके दुष्प्रभावों को जानने के लिए किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि कोरोना वायरस ने मस्तिष्क को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। मस्तिष्क के अन्य हिस्सों की तुलना में सेरिबैलम पर इसका असर अधिक देखा गया है।

आइए जानते हैं कि इसके क्या दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। 

COVID-19's effects on the brain cerebellum, it may cause diffusion and abnormalities
ब्रेन पर कोरोना का असर - फोटो : istock

सेरिबैलम हिस्से पर कोरोना के दुष्प्रभाव

टोरंटो कनाडा में रोटमैन रिसर्च इंस्टीट्यूट और सनीब्रुक हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने इस शोध में जानने की कोशिश की है कि कोरोना का लोगों के मस्तिष्क पर क्या दुष्प्रभाव हो सकता है? इसमें पाया गया कि मानव मस्तिष्क का सेरिबैलम हिस्सा, मस्तिष्क के अन्य हिस्सों की तुलना में कोविड संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है। अध्ययन इस विचार को पुष्ट करता है कि कोविड-19 के कारण कई लोगों के मस्तिष्क में बदलाव भी देखा जा रहा है।

सेरिबैलम, मस्तिष्क का वह हिस्सा है जिसकी मुख्य भूमिका  शारीरिक गति को नियंत्रित करना होता है। गाड़ी चलाने, सही तरीके से चलने में, दौड़ने के दौरान शारीरिक समन्वय को व्यवस्थित रखने में मस्तिष्क का यह हिस्सा मदद करता है। सेरिबैलम लोगों को आई मूवमेंट और देखने के लिए भी आवश्यक है।

COVID-19's effects on the brain cerebellum, it may cause diffusion and abnormalities
कोरोना के कारण होने वाली मस्तिष्क की समस्याएं - फोटो : Pixabay

न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का जोखिम

ह्यूमन ब्रेन मैपिंग जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में प्रमुख शोधकर्ता अलेक्डेंजर वोंग कहते हैं, कुछ लोग सोच सकते हैं कि COVID-19 सिर्फ फेफड़ों को प्रभावित करता है। हमने अध्ययन में पाया कि कोविड-19 के कारण मस्तिष्क में कई प्रकार के परिवर्तन देख जा रहे हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि जिस तरह से कोरोना के कारण मस्तिष्क में परिवर्तन देखे जा रहे है, यह भविष्य में कई न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। 

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COVID-19's effects on the brain cerebellum, it may cause diffusion and abnormalities
कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव - फोटो : pixaby

क्या हो सकते हैं इसके दुष्प्रभाव

अध्ययनकर्ता बताते हैं, जिस तरह से कोरोना वायरस को मानव मस्तिष्क के  सेरिबैलम हिस्से को प्रभावित करते हुए पाया गया है इससे डर है कि लोगों में शिथिलता या संतुलन की समस्याओं के साथ-साथ समन्वय में कठिनाई हो सकती है। जिसके परिणामस्वरूप लोगों को सही तरीके से चलने, शरीरिक असंतुलन, बोलने में समस्याएं (डिसरथ्रिया), दृष्टि से संबंधित समस्याएं (निस्टागमस) हो सकती हैं। 

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COVID-19's effects on the brain cerebellum, it may cause diffusion and abnormalities
पोस्ट कोविड की समस्याएं - फोटो : iStock

पोस्ट कोविड समस्याओं का भी जोखिम

कोरोना के दुष्प्रभावों को लेकर हुए कुछ हालिया शोध में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि लाखों लोगों में संक्रमण से ठीक होने के लंबे समय के बाद तक भी पोस्ट कोविड के लक्षण ठीक नहीं हुए हैं। इस आधार पर वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि जो लोग कोरोना के गंभीर रोग, विशेषतौर पर डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित रहे हैं उन्हें डॉक्टर से मिलकर शरीर की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। पोस्ट कोविड समस्याओं में भी लोगों में मस्तिष्क से संबंधित कई तरह की दिक्कतों के बारे में पता चला है। 




 

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स्रोत और संदर्भ
Feasibility of diffusion-tensor and correlated diffusion imaging for studying white-matter microstructural abnormalities: Application in COVID-19

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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