कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है। लेकिन इसको फैलने से रोकने के लिए और इसके इलाज के लिए कई तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं। वायरस से बचने के लिए कई तरह की भ्रामक सलाहें लोगों को दी जा रही हैं। इनमें से कुछ की पड़ताल की गई।
Coronavirus: चाय, गोमूत्र और सैनिटाइजर से जुड़ी अफवाहों का क्या है सच?
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इस दावे में ये कहा गया है कि डॉक्टर वेन्लियांग ने अपनी केस फाइल में लिखा है कि आम तौर पर चाय में पाया जाने वाला तत्व-मिथाइलजेन्थाइन, वायरस के असर को कम करता है। इस कारण चीन के अस्पतालों ने कोविड 19 से जूझ रहे अपने मरीजों को दिन में तीन बार चाय देना शुरू कर दिया है।
अपनी पड़ताल में बीबीसी ने पाया कि चाय में मिथाइलजेन्थाइन्स नाम का एक तत्व मिलता है जो कॉफी और चॉकलेट में भी मिलता है। लेकिन ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं कि डॉक्टर वेन्लियांग इस संबंध में कोई रिसर्च कर रहे थे। वो वायरस के एक्सपर्ट नहीं थे बल्कि आंखों के सर्जन थे।
न ही चीन के अस्पताल कोविड 19 के अपने मरीजों को खास तौर पर चाय पिला रहे हैं। चीन में भी फरवरी में इस तरह की कुछ रिपोर्ट आई थीं जिनमें दावा किया गया था कि चाय के इस्तेमाल से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है, लेकिन ये दावा सही नहीं है।
गोमूत्र और गोबर
भारत में कई बीमारियों के इलाज के लिए गोमूत्र और गाय के गोबर को पारंपरिक नुस्खे के तौर पर बढ़ावा दिया जाता रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा की एक सांसद सुमन हरीप्रिया ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए भी इसके इस्तेमाल की सलाह दे डाली है।
उन्होंने कहा कि गाय के गोबर से कई फायदे मिलते हैं। मुझे लगता है कि ये कोरोना वायरस को भी खत्म कर सकता है। गोमूत्र भी मददगार हो सकता है। गोमूत्र के संभावित एंटी-बैक्टीरियल गुणों को लेकर पहले भी कई तरह के अध्ययन हो चुके हैं।
कोरोना वायरस के खिलाफ गोमूत्र के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक हिंदू राष्ट्रवादी समूह ने भारत की राजधानी दिल्ली में गोमूत्र पीने के कार्यक्रम का आयोजन किया। लेकिन इंडियन वायरोलॉजिकल सोसाइटी के डॉ शैलेंद्र सक्सेना ने कहा, "ऐसा कोई मेडिकल सबूत नहीं है, जिससे पता चलता हो कि गोमूत्र में एंटी-वायरल गुण होते हैं। गाय के गोबर का इस्तेमाल उल्टा भी पड़ सकता है। क्योंकि हो सकता है कि इसमें कोरोना वायरस हो जो इंसानों में भी आ सकता है।"
अल्कोहल -फ्री सैनिटाइजर
2018 से काउपैथी गाय के गोबर से बने साबुन के अलावा अल्कोहल-फ्री हैंड सैनिटाइजर ऑनलाइन बेच रही है, जिनमें देसी गायों का गोमूत्र मिलाया जाता है। फिलहाल ये ऑनलाइन आउट ऑफ स्टॉक दिखा रहा है। प्रोडक्ट के पेज के मुातबिक, "मांग बढ़ जाने की वजह से अब हम प्रति ग्राहक उत्पाद बेचने की सीमा तय कर रहे हैं, ताकि सभी ग्राहकों को उत्पाद मिल सके।"
वहीं बाबा रामदेव ने एक हिंदी न्यूज चैनल पर लोगों को घर में ही हर्बल हैंड सैनिटाइजर बनाने की सलाह दी है। उन्होंने ये भी कहा कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी गिलोय, हल्दी और तुलसी के पत्तों के सेवन से कोरोना वायरस को रोकने में मदद मिल सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमरीका के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक़ अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना जरूरी है। और लंदन स्कूल ऑफ हाइजिन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में प्रोफेसर सैली ब्लोमफिल्ड के मुताबिक कोई भी घर में बनाया गया सैनिटाइजर कारगर नहीं होगा, क्योंकि वोडका तक में सिर्फ 40 प्रतिशत अल्कोहल होता है।
शाकाहार
बीते दिनों हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लोगों से मीट ना खाने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया, "शाकाहारी रहें। अलग-अलग तरह के जानवरों का मांस खाकर मानवता के लिए खतरा बनने वाले कोरोना वायरस जैसे वायरस पैदा ना करें।"
वहीं एक हिंदू राष्ट्रवादी समूह का दावा है कि कोरोना वायरस मांस खाने वाले लोगों को सजा देने के लिए आया है। लेकिन जब पशुधन उत्पादन का काम देखने वाले मंत्रालय ने कहा कि अंडे और चिकन की बिक्री कम हो गई है, तब भारत सरकार की फैक्ट चेकिंग सर्विस ने इस दावे का खंडन करते हुए पोस्ट किया।
और सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारतीय खाद्य नियामक को इसका कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस मछली, चिकन और अंडा खाने से नहीं फैलता है। चिकन और फिश के अलावा अंडा आपके प्रोटीन का अहम स्रोत है। इसलिए इसे बिना डर के खाइए।"