दुनियाभर के लिए कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले नई मुसीबतों का संकेत माने जा रहे हैं। चीन और ब्रिटेन जैसे देश संक्रमण की एक और लहर का सामना कर रहे हैं। चीन में कई स्थानों पर सख्त लॉकडाउन लगाने के साथ तेजी से कोविड की जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते मामलों के लिए मुख्यरूप से ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को जिम्मेदार माना जा रहा है। कुछ शोध बताते हैं कि चूंकि कोरोना के इन वैरिएंट्स के स्पाइक प्रोटीन में ऐसे म्यूटेशन देखे गए हैं जो वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा दे सकती है, ऐसे में जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है, उनको भी लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
Covid-19: मूनशॉट वैक्सीन के सभी कोरोना वैरिएंट्स पर असरदार होने का दावा, जानिए इस टीके के बारे में विस्तार से
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूनशॉट वैक्सीन के कारगर होने का दावा
कोरोना के बढ़ते नए वैरिएंट्स के बीच मूनशॉट वैक्सीन को बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारियों के अनुसार यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी द्वारा विकसित यह टीका सिंगल शॉट पर आधारित है। इसके प्रारंभिक चरणों के परिणाम के आधार पर शोधकर्ता इसे बेहतर और प्रभावशाली बता रहे हैं।
जानवरों पर इस टीके के परीक्षण में इसे काफी असरदार पाया गया है। इसका इंसानों पर परीक्षण अपने मध्य चरण में है। दावा है कि यह वैक्सीन कोरोना के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी तरीके से काम कर सकती है।
सिंगल शॉट की होगी यह वैक्सीन
वैक्सीन निर्माताओं द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक कोरोना की अन्य वैक्सीन से इतर मूनशॉट की एक ही खुराक लोगों को दी जाएगी, इसे संभावित रूप से सभी वैरिएंट्स के खिलाफ असरदार होने का दावा किया जा रहा है।
ट्रिनिटी कॉलेज, डबलिन के प्रोफेसर और शोधकर्ताओं में से एक डॉ ल्यूक ओ नील कहते हैं, प्रारंभिक शोध से प्राप्त डेटा इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह टीका कोरोना के तमाम नए पुराने वैरिएंट्स के खिलाफ असरकारक हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए लगातार शोध और परीक्षण जारी हैं।
जानवरों पर परीक्षण में अच्छे संकेत
वैक्सीन के जानवरों पर किए गए परीक्षण में इसे काफी असरदार पाया गया है। बंदरों पर किए गए परीक्षण में पाया गया कि यह वैक्सीन मूल सार्स वायरस के, सार्स-सीओवी-2, अल्फा, बीटा, डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट्स से भी सुरक्षा दे सकती है। इंसानों पर किए जा रहे परीक्षण के शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह तमाम वैरिएंट्स के कारण होने वाली गंभीर बीमारी को रोकने में काफी असरदार है, हालांकि इसे विस्तृत तौर पर समझने के लिए आगे के परीक्षण के परिणाम ज्यादा स्पष्ट कर पाएंगे।
इंसानों पर जारी है परीक्षण
कोरोना के उभरते हुए नए वैरिएंट्स के खतरे के बीच वैक्सीन निर्माता एक ऐसे टीके की तलाश में हैं जो भविष्य में आने वाले अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी तरीके से काम कर सके। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और फाइजर वैक्सीन में प्रयुक्त तकनीक के प्रमुख शोधकर्ता डॉ ड्रा वीसमैन कहते हैं, हर तीन से छह महीने में कोरोना के नए वैरिएंट आ रहे हैं, इसलिए हमारी टीम अब एक पैन-कोरोनावायरस वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जो वायरस के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ सुरक्षा दे सके।