वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना संक्रमण ने कई तरह से लोगों को परेशान किया है। इसके कुछ वैरिएंट्स ने जहां शरीर के कई अंगों को गंभीर क्षति पहुंचाई, वहीं इस समय दुनियाभर के लिए मुसीबतों का कारण बने ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स को काफी संक्रामक बताया जा रहा है। हाल के शोध में वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन के दो नए सब-वैरिएंट्स BA.3 और BA.4 के बारे में भी लोगों को अलर्ट किया है। इन वैरिएंट्स को लेकर प्राप्त प्रारंभिक जानकारियों के मुताबिक यह प्राकृतिक रूप से संक्रमण या वैक्सीनेशन से बनी एंटीबॉडीज को भी चकमा देने वाले हो सकते हैं। ओमिक्रॉन की संक्रामकता दर पहले से ही वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चिंता का कारण है।
Covid-19: एसिम्टोमैटिक लोगों से भी संक्रमण का खतरा, बिना लक्षणों के कैसे जानें आप संक्रमित हैं या नहीं?
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एसिम्टोमैटिक लोगों से संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं होते, पर उनका परीक्षण रिपोर्ट पॉजिटव आता है। ऐसे लोग कोविड के प्रसार के संभावित स्रोत हो सकते हैं। जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि एसिम्टोमैटिक लोगों में भले ही कोरोना के कोई लक्षण न दिखते हों, पर लक्षण वाले लोगों की ही तरह इनसे भी दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। विशेषज्ञ ऐसे लोगों को विशेष बचाव करते रहने की सलाह देते हैं जिससे अन्य लोगों में खतरे को कम किया जा सके।
एसिम्टोमैटिक संक्रमण का कैसे पता किया जाए?
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बात का पता लगाना कि कहीं आप एसिम्टोमैटिक संक्रमण के तो शिकार नहीं हैं, यह काफी कठिन है। कोविड टेस्ट ही इसका एक तरीका हो सकता है।
आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट, शरीर में वायरस की उपस्थिति की पहचान करने में मदद कर सकते हैं, भले ही आपमे कोई लक्षण न दिख रहे हों। हालांकि ऐसे मामलों में लक्षण न होने पर परीक्षण न कराने की सलाह दी जाती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप कोविड-19 वाले लोगों के संपर्क में रहते हैं या आपके निकट संपर्क में रहने वाले किसी व्यक्ति में हाल-फिलहाल कोविड का पॉजिटिव रिपोर्ट आया है तो आपको भी अलर्ट हो जाना चाहिए। भले ही आपमें कोई लक्षण या परेशानी न हो फिर भी सुनिश्चित करें कि आप खुद को दूसरों से अलग कर लें। अगर आपका टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ जाता है तो ही लोगों के संपर्क में आएं। महामारी से बचाव के लिए यह लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी है।
एसिम्टोमैटिक संक्रमण के कारण क्या हैं?
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है कि कोरोना संक्रमण में कुछ लोगों को गंभीर रोग की समस्या जबकि कुछ में बिल्कुल भी लक्षण नजर क्यों नहीं आते हैं? अब तक अध्ययनों में इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल सका है। हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारा शरीर, वायरस के खिलाफ जिस तरह से प्रतिक्रिया करता है, उसी आधार पर लक्षण नजर आते हैं। एसिम्टोमैटिक लोगों में वायरल लोड कम होता है, यही कारण है कि उनमें लक्षण दिखाई नहीं देते ।