कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद मरीजों को बिल्कुल अलग रखा जाना जरूरी होता है। दरअसल, सेल्फ-आइसोलेशन में आप खुद को बाहरी दुनिया से अलग-थलग कर लेते हैं। सेल्फ-आइसोलेशन के दौरान हवादार कमरे में रहना और अलग बाथरूम इस्तेमाल करना जरूरी है। ऐसे लोगों को सार्वजनिक यातायत के साधन, कैब या टैक्सी के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए।
Coronavirus से संक्रमण के बाद मरीज को अलग रखना कितना जरूरी, क्या है सेल्फ आइसोलेशन?
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सेल्फ आइसोलेशन क्या है?
सेल्फ-आइसोलेशन का मतलब है अपने आप को बाकी दुनिया से काट लेना। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक, सेल्फ आइसोलेशन के दौरान आपको घर पर रहना होता है। काम पर, स्कूल और सार्वजनिक जगहों पर जाने की मनाही होती है। इसके साथ ही आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट या टैक्सी के इस्तेमाल से भी बचना होता है।
सेल्फ-आइसोलेशन के दौरान ऐसे हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो और इसे खोला जा सके। साथ ही, दूसरे लोगों को इस घर में नहीं आने देना चाहिए। ये चीजें कुछ सामान्य समझदारी वाले कदमों में आती हैं। जैसे कि अगर आपको किराने के सामान, दूसरी खरीदारी या अन्य दवाइयों की जरूरत है तो मदद मांगें।
दोस्त, परिवार या डिलीवरी ड्राइवर आपके मंगाए गए सामान को आपके पास छोड़ सकते हैं और इसमें कोई दिक्कत नहीं है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि इस दौरान आपको किसी से मिलना नहीं चाहिए। आपके मंगाए गए सामान को आपके दरवाजे तक छोड़ दिया जाना चाहिए।
क्या आपको सेल्फ-आइसोलेशन में जाना चाहिए?
ब्रिटेन में फ्लू(जिसकी परिभाषा 37।8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बुखार या लगातार कफ मानी गई है) जैसे लक्षणों वाले हर शख्स को कम से कम सात दिनों के लिए घर पर रहने के लिए कहा जाएगा। ऐसे हर व्यक्ति को जो कोरोना वायरस से प्रभावित इलाके में होकर आए हैं, या जिनका संपर्क इस वायरस से प्रभावित किसी शख्स से हुआ है, उन्हें पहले ही 14 दिनों के लिए सेल्फ आइसोलेशन में जाने के लिए कह दिया गया है।
वायरस की चपेट में आए किसी व्यक्ति के साथ दो मीटर (छह फीट) की दूरी के भीतर 15 मिनट बिताने या फेस-टू-फेस कॉन्टैक्ट में आने को 'क्लोज कॉन्टैक्ट' (करीबी संपर्क) माना जाता है और यह गंभीर जोखिम की श्रेणी में आता है।
हल्के लक्षणों वाले रोगियों से घरों पर ही सेल्फ-आइसोलेशन के लिए कहा जा रहा है। कोविड-19 बीमारी की वजह से बुखार, कफ या सांस लेने में दिक्कतें आ सकती हैं। इसके लक्षण दिखाई देने में औसतन पांच दिन का वक्त लग सकता है।
अगर एक ही घर में कई लोग रहते हैं तो?
अगर आप सेल्फ-आइसोलेशन में हैं और घर में एक ही किचन है तो उस वक़्त किचेन में जाने से परहेज करें जब वहां कोई और शख्स हो। अपना ख़ाना अपने कमरे में लाकर खाएं। घर के फर्श को रोज साफ-सफाई वाले उत्पादों से साफ करें।
हो सकता है कि आप खुद को परिवार के बाकी सदस्यों या फ्लैट में साथ रहने वाले साथियों से पूरी तरह से अलग न कर पाएं लेकिन उचित यही होगा कि आप उनके संपर्क में कम से कम आएं। आप जिनके साथ रहते हैं, अगर मुमकिन हो तो उनसे कम से कम दो मीटर (छह फीट) का फासला रखें और अकेले सोएं।
आइसोलेशन में मौजूद शख्स के साथ रहने वाले लोगों को बार-बार अपने हाथों को धोना चाहिए। यह प्रक्रिया साबुन और पानी के साथ हर बार कम से कम 20 सेकेंड्स तक करनी चाहिए। खासतौर पर जब आप उनके साथ संपर्क में आए हों तो इसके तुरंत बाद हाथों को धोना चाहिए।
आइसोलेशन में रह रहे शख्स के तौलिये, प्रसाधन और घर के अन्य सामानों को इस्तेमाल न करें। ऐसे लोगों के लिए अलग बाथरूम होना चाहिए।