कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी घोषित करने के बाद जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सोशल मीडिया पर भी जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से रोजमर्रा के जीवन में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वरिष्ठ डॉक्टर आरएन कालरा के अनुसार, जो लोग ये सोचते हैं कि उन्हें कोरोना से कोई लेना-देना नहीं है, वह गलत सोचते हैं। दरअसल एक-दूसरे की मदद से ही कोरोना को दूर भगाया जा सकता है। कोरोना से खुद को ही नहीं, दूसरों को भी बचाएं।
Coronavirus: मोबाइल से लेकर एटीएम और कैब तक ये तरीके अपनाएं, कोरोना से खुद को और दूसरों को भी बचाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएम
एटीएम से बार-बार पैसा नहीं निकालें, क्योंकि मशीन के बटन और स्क्रीन को छूने से ज्यादा रिस्क है। इसके अलावा नोट को भी ज्यादा स्पर्श न करें। कोशिश करें कि रुपयों को गिनने से बचें, क्योंकि इनमें भी काफी तरह का संक्रमण होता है।
कियोस्क मशीन
एयरपोर्ट पर जगह-जगह कियोस्क मशीन लगी हुई हैं, ताकि बोर्डिंग पास निकालने में यात्रियों को आसानी हो सके। एटीएम की तरह कियोस्क के बटन व स्क्रीन पर संक्रमण के चलते इससे दूरी बनाए रखें। कियोस्क मशीन से बोर्डिंग पास नहीं निकालें। घर या ऑफिस से ही बोर्डिंग पास लेकर चलें। अगर कियोस्क से बोर्डिंग पास निकालते भी हैं तो सेनेटाइजर अथवा साबुन से अपने हाथों को 20 सेकेंड तक साफ जरूर करें।
मोबाइल और लैपटॉप
मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी जरूर बरतें। मोबाइल की स्क्रीन को साफ रखें। साथ ही लैपटॉप को इस्तेमाल में लाने से पहले कीबोर्ड को साफ कर लें। सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर कीबोर्ड पर काम करें। लैपटॉप पर काम के दौरान अपने हाथों से नाक या मुंह को स्पर्श न करें।
एस्केलेटर, बस और मेट्रो में सफर
मेट्रो स्टेशनों पर लगे एस्केलेटर के इस्तेमाल के दौरान काले रंग की स्ट्रिप को पकड़ने के बाद उन्हीं हाथों से चेहरे को न छुएं। अगर मेट्रो और डीटीसी बसों में सफर करें तो हैंड होल्डर, गेट या सीट आदि को स्पर्श करने से बचें और अगर स्पर्श करते हैं तो सैनिटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही अपना चेहरा छुएं। सफर के बाद गंतव्य पहुंचने पर हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लेना श्रेयस्कर है।