विटामिन डी हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत करता है और स्वस्थ रखता है, लेकिन अब वैज्ञानिकों को लगता है कि ये शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली को भी मजबूत करता है और इसी वजह से ये कोविड-19 जैसे वायरस से लड़ने में भी कारगर साबित हो सकता है। विटामिन डी को आमतौर पर धूप से मिलने वाले विटामिन के रूप में जाना जाता है, क्योंकि ये हमारे शरीर में तब बनता है जब त्वचा पर सूरज की किरणें पड़ती हैं। ये शरीर को कैल्शियम और फॉस्फेट पचाने में मदद करता है जो हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत और स्वस्थ रखते हैं। ऐसा शोध में भी साबित हुआ है।
कोविड-19: क्या कोरोना से बचा सकता है विटामिन-डी? जानिए शरीर को क्यों है इसकी जरूरत
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बॉयोमेडिकल रिसर्च से पता चलता है कि रिकेट्स, ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी की बीमारियां विटामिन डी की कमी से ही होती हैं, लेकिन ऑयरलैंड के यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क में विटामिन डी और पोषण के विशेषज्ञ प्रोफेसर केविन कैशमैन का कहना है कि विटामिन डी की भूमिका इससे भी अधिक है। वो कहते हैं, 'जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, ऐसे लोगों के लिए वायरस से होने वाले संक्रमण के चपेट में आने का खतरा भी अधिक होता है। ये ऐसी बाते हैं जिन पर इस साल खूब चर्चा हो रही है।' कैशमैन कहते हैं, 'बीते दो दशकों में विटामिन डी को लेकर नई समझ बनी है और पता चला है कि ये हड्डियों के बाहर भी भूमिका निभाता है। विटामिन डी प्रतिरोधक प्रणाली को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।'
क्या विटामिन डी कोविड-19 से लड़ाई में मदद कर सकता है?
प्रोफेसर कैशमैन कहते हैं कि वैज्ञानिक ये मान रहे हैं कि विटामिन डी की मामूली कमी से भी शरीर में कैंसर, हृदयरोग संबंधी बीमारियों, डायबिटीज और संक्रामक एवं सूजन संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
लेकिन क्या विटामिन डी और कोविड 19 का कोई सीधा संबंध हैं?
प्रोफेसर कैशमैन कहते हैं कि शीर्ष वैज्ञानिक समीक्षाओं से संकेत मिलता है कि 'इस बात के तो पर्याप्त सबूत हैं कि विटामिन डी की कमी और शरीर पर कोविड-19 के असर में संबंध हैं। लेकिन अभी इतने पक्के सबूत नहीं है कि लोगों को कोविड से बचने के लिए विटामिन डी के सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जा सके।' हालांकि प्रोफेसर कैशमैन मानते हैं कि कोविड-19 महामारी ने विटामिन-डी की कमी को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। वो मानते हैं कि इस दिशा में रिसर्च सही ट्रैक पर है। वो कहते हैं, 'आज आम राय ये है कि अभी पक्के सबूत नहीं हैं, लेकिन ट्रायल चल रहे हैं और नए सबूत मिल रहे हैं। कोविड-19 को अभी एक साल ही हुआ है। मजबूत डाटा मिलने में समय लगता है।'
प्रोफेसर कैशमैन कहते हैं, 'हमें ये तो पक्का पता है कि विटामिन डी हमारी हड्डियों को मजबूत रखता है, लेकिन अगर ये भी पता चला कि इसका सांस संबंधी बीमारियों पर भी सकारात्मक असर होता है तो ये एक अतिरिक्त फायदा होगा।' वो कहते हैं, 'इस दिशा में शोध रोचक स्थिति में तब होंगे जब हम ये स्वीकार कर लेंगे कि विटामिन डी की कमी से सांस संबंधी बीमारियां, फ्लू और सर्दी आदि भी प्रभावित होते हैं।'