फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus Vaccine: भारत बायोटेक का दावा- पॉजिटिव केस आएंगे तो ही पता चलेगा वैक्सीन का असर

Mon, 07 Dec 2020 04:15 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 07 Dec 2020 04:15 PM IST
विज्ञापन
coronavirus vaccine tracker bharat biotech vaccine covaxin update covid vaccine in India
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

हाल ही में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के ट्रायल को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। अब इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक का कहना है कि ट्रायल में शामिल वॉलंटियर अगर कोरोना पॉजिटिव होते हैं तो कोई घबराने वाली बात नहीं है, क्योंकि ट्रायल का डिजाइन ही कुछ ऐसा है कि 130 वॉलंटियर पॉजिटिव हो सकते हैं। यह हैरान करने वाली जानकारी कंपनी की ओर से सरकार की क्लीनिकल ट्रायल वेबसाइट पर दी गई है। 

coronavirus vaccine tracker bharat biotech vaccine covaxin update covid vaccine in India
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का कहना है कि जब इस तरह के संक्रमण के मामले एक-तिहाई या दो-तिहाई तक पहुंच जाएंगे, तब कंपनी विश्लेषण करेगी और उस आधार पर यह तय किया जाएगा कि ट्रायल में शामिल हुए कितने लोगों का कितने समय तक फॉलोअप किया जाए। 

coronavirus vaccine tracker bharat biotech vaccine covaxin update covid vaccine in India
अनिल विज कोरोना पॉजिटिव - फोटो : Twitter:@anilvijminister/PTI

आपको बता दें कि पिछले महीने अनिल विज को वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी, लेकिन 15 दिन के अंदर ही वह कोरोना से संक्रमित हो गए। हालांकि उसके बाद भारत बायोटेक ने बयान जारी कर बताया था कि हर वॉलंटियर को 0.5 मिलीग्राम के दो टीके लगेंगे और पहली डोज के बाद दूसरी डोज 28वें दिन लगेगी। दूसरी डोज लेने के दो हफ्ते बाद ही यह पता चल सकेगा कि वैक्सीन कितनी प्रभावी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
coronavirus vaccine tracker bharat biotech vaccine covaxin update covid vaccine in India
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

हालांकि अभी तक तो यह भी पता नहीं चल सका है कि आखिर अनिल विज को असली वैक्सीन दी गई थी या फिर प्लेसिबो। दरअसल, प्लेसिबो एक ऐसी चीज है जो शरीर पर किसी तरह का प्रभाव नहीं डालती। डॉक्टर इसका इस्तेमाल सिर्फ ये जानने के लिए करते हैं कि किसी व्यक्ति पर दवा लेने का कितना और कैसा मानसिक असर पड़ता है। भारत बायोटेक के मुताबिक, वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में 50 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन दी जाती है जबकि अन्य 50 फीसदी लोगों को प्लेसिबो दिया जाता है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed