दुनियाभर में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहे हैं। ब्लूमबर्ग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 51 अरब से अधिक टीके लोगों को लगाए जा चुके हैं। अमेरिका और भारत में तो रोजाना 20 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा रहा है। भारत में जहां अभी सिर्फ 45 साल से ऊपर के लोगों को ही कोरोना वैक्सीन दी जा रही है, तो वहीं अमेरिका में अब सभी व्यस्कों को टीका लगाया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि 19 अप्रैल से देश में हर वयस्क टीकाकरण के लिए पात्र होगा। उन्होंने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
दुनिया में कोरोना वैक्सीन पर ताजा अपडेट्स: कहीं लगी रोक, तो कहीं सभी वयस्कों को लगेगा टीका
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कोरोना मामलों पर नजर रखने वाले जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के मुताबिक, अमेरिका में संक्रमण के तीन करोड़ से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पांच लाख 56 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि जब तक हम महामारी पर काबू नहीं पा लेते और अपने अभियान में सफल नहीं हो जाते, तब तक यह जरूरी है कि हर कोई मास्क पहने, अपने हाथों को धोए और सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करे।'
इस बीच ब्रिटेन से कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बुरी खबर भी सामने आ रही है। दरअसल, यहां बच्चों और किशोरों पर हो रहे एस्ट्राजेनेका के टीके के परीक्षण पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रायल में सुरक्षा मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, लेकिन वैक्सीन की संभावित लिंक की जांच करने के लिए ब्रिटेन और यूरोप में व्यस्कों में खून के थक्के जमने की समस्या को लेकर काफी चिंताएं हैं।
हालांकि अभी तक यह सिद्ध तो नहीं हो पाया है कि खून के थक्के जमने की समस्या एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगाने से ही हो रही है या नहीं, लेकिन यूरोपीय मेडिसिंस एजेंसी ने कहा है कि वह यूरोपीय देशों में एस्ट्राजेनेका के टीके की पहली खुराक लेने वाले मरीजों के सामने आई दिक्कतों की जांच कर रहा है। दरअसल, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, बुल्गारिया, नॉर्वे, आइसलैंड, स्लोवेनिया, इटली, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन समेत कई देशों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के उपयोग पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है।
वहीं मेक्सिको के संघीय आयोग ने भारत में बनी कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है। मेक्सिको के विदेश मंत्री मारसेल इबराड ने बताया कि भारत की कोरोना वैक्सीन के उपयोग का फैसला बहुत सही समय पर लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां अब तक 90 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है।