भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब 97 लाख 96 हजार से ज्यादा हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी एक लाख 42 हजार से अधिक है। हालांकि खुशी की बात ये है कि देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर में भी सुधार हुआ है और यह 94.84 फीसदी हो गई है। देश में अब तक 92 लाख 91 हजार लोग कोरोना से स्वस्थ हुए हैं, लेकिन खतरा तो फिर भी बना हुआ है। इसीलिए लोग वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सके। चूंकि सरकार ने तो कहा है कि अगले साल से लोगों को वैक्सीन मिलने लगेगी और किसको पहले मिलेगी, इसको लेकर भी पहले ही सबकुछ तय हो चुका है। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि क्या बच्चों को अभी कोरोना की वैक्सीन नहीं मिल सकेगी? क्या उन्हें इंतजार करना पड़ेगा? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना वैक्सीन से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब...
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Coronavirus Vaccine: बच्चों को अभी नहीं मिल सकेगी कोरोना की वैक्सीन, करना होगा इंतजार, जानिए क्या है वजह
Sat, 12 Dec 2020 09:57 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sat, 12 Dec 2020 09:57 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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ब्रिटेन के पीएम ने कहा है कि अगले दिसंबर तक मास्क पहनना जारी रखना होगा, इस पर आप क्या कहेंगे?
- दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए कम से कम 70 प्रतिशत लोगों का इम्यून होना जरूरी है। चाहे बीमार होकर इम्यूनिटी बन जाए या वैक्सीन के जरिए हो। किसी भी देश की 70 प्रतिशत जनसंख्या को इम्यून करना आसान नहीं है। भारत में कम से कम 80 करोड़ लोगों में इम्यूनिटी विकसित करनी होगी, जिसमें एक साल नहीं बल्कि दो से तीन साल भी लग सकते हैं। इसलिए सभी को मास्क पहनना जारी रखना होगा।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन को अप्रूवल देने में सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखा जाता है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'वैक्सीन के मामले में सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा है। सबसे पहले देखा जाता है कि वैक्सीन सुरक्षित है या नहीं, क्योंकि गलत वैक्सीन से पैरालिसिस हो सकती है, न्यूरो संबंधी बीमारी हो सकती है। इसलिए सरकार सारी वैक्सीन कंपनियों का डाटा मांग रही है। मकसद यह रहता है कि वैक्सीन फायदा करे या नहीं करे, लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाए।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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फाइजर कंपनी ने कहा है कि जिन्हें एलर्जी है, उन्हें उनकी वैक्सीन नहीं दी जाए, इस पर क्या कहेंगे?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'दरअसल, फाइजर कंपनी की वैक्सीन लेने वाले कुछ लोगों में कुछ समस्याएं आईं, जिसके बाद कंपनी ने यह बात कही है। यह कोई गंभीर बात नहीं है, आमतौर पर वैक्सीन के साइड-इफेक्ट होते ही हैं। इसके कुछ घटक होते हैं, जो रिएक्शन कर सकते हैं। साधारण एलर्जिक रिएक्शन जैसे खुजली, आंखों में जलन आम हैं। गंभीर साइड-इफेक्ट की बात करें तो इसमें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए कंपनी ने उन्हें सावधान किया है, जिनको पहले से एलर्जी की समस्या है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या कोरोना से मरने वाले व्यक्ति का देह दान कर सकते हैं?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'नहीं! अभी कोविड से मरने वालों के अंतिम संस्कार को लेकर ही सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। देह दान तो बहुत दूर की बात है, अभी तो उनके दाह संस्कार में ही सावधानी रखने के निर्देश लागू हैं।'