भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत अब तक अग्रिम पंक्ति के 37 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीका लगाया जा चुका है। राजस्थान में सबसे अधिक तीन लाख 26 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया गया है जबकि कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। यहां टीकाकरण अभियान में दो-दो वैक्सीन 'कोविशील्ड' और 'कोवैक्सीन' का इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में जल्द ही एक और कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल सकती है। दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने कहा है कि उनकी कंपनी इस साल जून में एक दूसरी कोरोना वैक्सीन को लॉन्च कर सकती है।
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Coronavirus Vaccine: क्या जून में भारत में आ जाएगी कोरोना की एक और वैक्सीन? जानिए इससे जुड़े ताजा अपडेट्स
Sun, 31 Jan 2021 01:25 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 31 Jan 2021 01:25 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : Pixabay/Amarujala
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट नोवावैक्स कंपनी द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कर रहा है। अदार पूनावाला ने कहा है कि सीरम इंस्टीट्यूट ने भारत में इसके ट्रायल के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के पास आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है इस वैक्सीन को जून तक लॉन्च कर दिया जाएगा।
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- फोटो : Pixabay
कितनी प्रभावी है नोवावैक्स वैक्सीन?
- ब्रिटेन में हुए मानव परीक्षण में यह वैक्सीन 89.3 फीसदी तक प्रभावी पाई गई है। कुछ वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि यह वैक्सीन ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन के खिलाफ भी प्रभावी है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि इस साल के मध्य तक यह वैक्सीन लोगों को मिल सकती है।
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सीरम इंस्टीट्यूट और नोवावैक्स के बीच हुआ है करार
- सीरम इंस्टीट्यूट ने इस अमेरिकी दवा कंपनी यानी नोवावैक्स इंक के साथ वैक्सीन के उत्पादन और वितरण के लिए करार किया है। इसके तहत सीरम इंस्टीट्यूट हर साल इस वैक्सीन की दो अरब खुराक तैयार करेगा, जिसका वितरण फिर जरूरत के हिसाब से किया जाएगा।
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क्या भारत के लिए उपयुक्त है यह वैक्सीन?
- नोवावैक्स की वैक्सीन कोरोना वायरस के प्रोटीन के टुकड़े को आधार बनाकर विकसित की गई है। यह शरीर को वायरस से बचाव के लिए प्रशिक्षित करेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, नोवावैक्स की वैक्सीन भारत के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसके भंडारण के लिए बहुत कम तापमान की जरूरत नहीं पड़ती है।