भारत में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 37 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत जल्द ही कोविड-19 के अग्रिम पंक्ति योद्धाओं का टीकाकरण भी शुरू करेगा। हालांकि इस बीच देश में कोरोना से ठीक होने वालों की दर भी बढ़कर 96.99 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस समय सक्रिय मामलों की संख्या कुल मामलों का केवल 1.57 फीसदी ही है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोविड-19 की वर्तमान स्थिति और वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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कोरोना वायरस और वैक्सीन से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब, विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Mon, 01 Feb 2021 10:50 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 01 Feb 2021 10:50 AM IST
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : Pixabay
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को कैसे देखती हैं?
- दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'हमारे देश में कोविड के मामले काफी कम आ रहे हैं। ध्यान रहे, हमारे देश में अभी कोरोना की एक ही लहर आई है। आशा करते हैं कि वैक्सीन की वजह से दूसरी लहर न आए। इसके लिए जरूरी है कि अभी लोग एहतियात बरतें और जब वैक्सीन लगाई जाए तो आगे आएं। इससे हम कोविड के आंकड़ों को कम कर सकते हैं, क्योंकि कई देशों में देख रहे हैं कि वायरस के जो भी म्यूटेट स्ट्रेन आ रहे हैं, वो और ज्यादा जानलेवा हैं। दक्षिण अफ्रीका का वैरिएंट बहुत गंभीर पाया गया है। इसलिए अभी भी अनुशासन में रहते हुए सजग और सचेत रहना है।'
कोवैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
कोवैक्सिन, कोविशील्ड बाकी वैक्सीन से कितनी अलग हैं?
- डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'कोवैक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल की पूरी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसको अभी इमरजेंसी ट्रायल मोड अप्रूवल दिया गया है। जिस पद्धति पर यह बनी है, उसके बारे में हम पहले से जानते हैं, इसलिए दूसरे चरण के ट्रायल के परिणाम के आधार पर ही अप्रूव कर दिया गया है। फाइजर और मॉडर्ना की अपेक्षा में दोनों के साइड-इफेक्ट काफी कम हैं। इसकी स्टोरेड 2-3 डिग्री में कर सकते हैं। वहीं यूरोपीय देशों में वैक्सीन को माइनस 70 या 20 डिग्री तक स्टोर करना होता है। हमारे देश में अभी वैक्सीन कोल्ड चेन उपलब्ध नहीं है। सरकार इस दिशा में काम कर रही है।'
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कोविशील्ड
- फोटो : twitter@serum institute
क्या हमारी वैक्सीन का खर्च भी अन्य वैक्सीन से कम है?
- डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'हमारे देश के वैक्सीन की लागत काफी कम है। कोविशील्ड की कीमत 210 रुपये है, जबकि मॉडर्ना वैक्सीन की एक डोज की कीमत लगभग एक हजार रुपये के करीब है। इसके अलावा विदेशी वैक्सीन के ट्रांसपोर्ट पर खर्च भी ज्यादा होता है। सबसे अहम बात है कि हमारी वैक्सीन में साइड-इफेक्ट नहीं हैं और अभी तक भारत में फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को अप्रूवल भी नहीं मिला है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने के बाद कितने दिन तक प्रभावी रहेगी?
- डॉ. अपर्णा अग्रवाल कहती हैं, 'वैक्सीन नई है, इसलिए अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका प्रभाव एक से डेढ़ साल तक रहेगा। फिर भी पूरी तरह से अभी कुछ भी नहीं कह सकते हैं।'