केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार अगले सप्ताह में कोविड-19 का टीकाकरण शुरू कर सकती है। भारत सरकार का लक्ष्य जुलाई 2021 तक 30 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन देने का है। इसे विश्व का 'सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान' भी कहा जा रहा है। भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि दवा नियामक से आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी (ईयूए) मिलने के 10 दिन के भीतर ही सरकार टीकाकरण शुरू करना चाहती है। भारतीय दवा नियामक ने तीन जनवरी को कोविड वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।
Coronavirus Vaccine: भारत के 125 जिलों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास, 29 हजार कोल्ड स्टोर, पर वैक्सीन आखिर मिलेगी कब?
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस टीकाकरण अभियान के लिए सरकार ने देशभर में करीब 29 हजार कोल्ड स्टोर तैयार किए हैं। राजेश भूषण के मुताबिक, देश के 125 जिलों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास भी किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि 'इस पर भारत सरकार का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।' यह पहली बार है, जब भारत सरकार ने टीकाकरण शुरू करने के समय को लेकर आधिकारिक रूप से बात की है।
भारत ने किसी खरीद समझौते की घोषणा नहीं की
भारतीय दवा नियामक ने दो टीकों को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। एक है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड, जिसका उत्पादन पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है। वहीं दूसरा टीका है, हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक का कोवैक्सिन, जिसे कंपनी ने आईसीएमआर के साथ मिलकर तैयार किया है। राजेश भूषण ने स्पष्ट किया है कि 'टीकों के निर्यात पर भारत सरकार ने किसी किस्म का प्रतिबंध नहीं लगाया है।' कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि घरेलू खपत को देखते हुए भारत सरकार ने कोविड वैक्सीन के निर्यात पर रोक लगा दी है।
भारत विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता देशों में से एक है। भारत ने वैश्विक टीकाकरण अभियान में सहयोग देने की बात भी कही है, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने अब तक भारत बायोटेक या सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ किसी खरीद समझौते की घोषणा नहीं की है।
पहले स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगी वैक्सीन
भारत सरकार की ताजा योजना के अनुसार, वैक्सीन पहले निर्माताओं से चार बड़े कोल्ड स्टोर केंद्रों (करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) तक जाएंगी, वहां से उन्हें 37 राज्य-संचालित स्टोर्स में भेजा जाएगा। इससे अगला पड़ाव होंगे जिला स्तर के स्टोर, जहां से टीकाकरण केंद्रों को वैक्सीन की आपूर्ति की जाएगी। बताया गया है कि ये कोविड वैक्सीन पहले हेल्थ वर्कर्स को दी जाएंगी। इसे समझाते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मिसाल के तौर पर ओडिशा राज्य को लें, वहां स्थानीय प्रशासन ने तीन लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की लिस्ट बनाई हुई है, जिन्हें राज्य के 3,898 टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगना है। सभी केंद्रों पर पांच लोगों की एक टीम रहेगी, जो टीकाकरण के काम को सही ढंग से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।'