कोरोना वायरस के खिलाफ दुनियाभर में टीकाकरण अभियान चल रहा है, जो अब तक का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है। इसके तहत अब तक 100 से अधिक देशों में लोगों को कोरोना की करीब 30 करोड़ वैक्सीन लग चुकी हैं। हालांकि अलग-अलग देशों में लोगों को अलग-अलग कंपनियों के टीके लगाए जा रहे हैं। इसमें फाइजर, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका, आदि प्रमुख हैं, लेकिन कई जगहों पर वैक्सीन के दुष्प्रभावों को लेकर भी बातें हो रही हैं। इसी क्रम में थाईलैंड ने खून के थक्के जमने की रिपोर्ट्स आने की वजह से एस्ट्राजेनेका कंपनी की वैक्सीन के इस्तेमाल को फिलहाल टाल दिया है।
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दरअसल, थाईलैंड के प्रधानमंत्री और अन्य मंत्री शुक्रवार को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की पहली खुराक लेने वाले थे, लेकिन अब इसपर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। थाईलैंड से पहले डेनमार्क, नॉर्वे सहित कई यूरोपीय देश इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा चुके हैं।
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कोरोना वायरस वैक्सीन
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 50 लाख यूरोपीय लोगों को एस्ट्राजेनेका का टीका लगाया गया है, जिसमें से 30 लोगों में खून के थक्के जमने का मामला सामने आया। इसको देखते हुए एहतियातन डेनमार्क, नॉर्वे और आइसलैंड के अलावा इटली और ऑस्ट्रिया ने भी वैक्सीन का इस्तेमाल बंद कर दिया।
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हालांकि यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी का कहना है कि खून के थक्के जमने के पीछे एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का इस्तेमाल ही वजह है, फिलहाल इस बात के संकेत नहीं मिले हैं। वहीं एस्ट्राजेनेका कंपनी का भी कहना है कि उन्होंने वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता को लेकर ट्रायल के दौरान ही गहन अध्ययन किया है और यह सुरक्षित है।
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थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर खून के थक्के जमने की समस्या एशियाई लोगों में नहीं पाई गई है। यहां के कोविड-19 वैक्सीन समिति के सलाहकार पियासकोल सकोल्सटायडॉर्न ने कहा है कि एस्ट्राजेनेका की गुणवत्ता तो अच्छी है, लेकिन कुछ देशों ने इसके इस्तेमाल पर अस्थायी रूप से रोक लगाई है, इसलिए हम भी इसे फिलहाल रोक रहे हैं।