दुनियाभर में अब तक करोड़ों लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है। भारत में भी वैक्सीन पाने वालों का आंकड़ा तीन करोड़ के पार है। मैक्स अस्पताल के डॉ. बलवीर सिंह कहते हैं कि कोरोना काल में भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि और बड़ा मौका है, क्योंकि विश्व का सबसे तेज और सबसे बड़ी टीकाकरण हो रहा है। खास बात ये भी है कि दुनिया में शायद कोई ऐसा देश नहीं है, जो अभी स्वदेशी वैक्सीन का प्रयोग इतना ज्यादा कर पाया हो, वो भी दूसरे देशों को भी वैक्सीन देते हुए। आइए उनसे जानते हैं कोरोना वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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कोरोना वैक्सीन: खून पतला करने वाली दवा लेते हैं तो क्या टीका लगवाना सुरक्षित है? विशेषज्ञ से जानें
Wed, 17 Mar 2021 10:18 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 17 Mar 2021 10:18 AM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
ब्लड थिनर के साथ वैक्सीन चल रही है, क्या सुरक्षित है?
- मैक्स अस्पताल के डॉ. बलवीर सिंह कहते हैं, 'यह एक भ्रम हो गया है, अगर कोई खून पतला करने वाली दवा भी लेते हैं तो कोई परेशानी नहीं है। आप वैक्सीन ले सकते हैं और जो भी दवा ले रहे हैं, उसे पहले की तरह ही लेते रहें। हां, अगर बीमारी बढ़ गई है, उस वक्त कोई परेशानी है तो कुछ दिन बाद वैक्सीन लगवा सकते हैं।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
लैंसेट जर्नल आदि में स्वदेशी वैक्सीन को लेकर काफी सराहना की गई है, इसे कैसे देखते हैं?
- डॉ. बलवीर सिंह कहते हैं, 'जी हां, कोवैक्सीन एक भारतीय वैक्सीन है जो भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई है। लैंसेट पत्रिका में छपना बड़ी बात होती है, क्योंकि इसमें पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के बाद ही ऐसी चीजें छपती हैं। लैसेंट में बताया गया है कि हमने तीन चरण में कोवैक्सीन की पड़ताल की है। पहले चरण में एंटीबॉडी, दूसरे में सुरक्षा और तीसरे में प्रभाविता की जांच। 25 हजार लोगों में वैक्सीन की प्रभाविता की जांच की गई। उन 25 हजार लोगों में वैक्सीन 81 फीसदी तक प्रभावी रही जबकि वैक्सीन से सुरक्षा 100 प्रतिशत तक रही। 81 प्रतिशत तक होना बहुत ज्यादा है, यानी संक्रमण ही नहीं होगा। लोगों को ये नहीं सोचना चाहिए कि भारत में बनी है तो अच्छी नहीं होगी, बल्कि अब देश बदल रहा है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन को लेकर कई लोग भ्रामक खबरें फैला रहे हैं, ऐसे लोगों से क्या कहेंगे?
- डॉ. बलवीर सिंह कहते हैं, 'ऐसे लोगों को कहना चाहता हूं अगर आपको वैक्सीन नहीं लगवानी है तो कोई बात नहीं है, लेकिन लोगों में भ्रम न फैलाएं। लोग भी सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट के चक्कर में न पड़ें। देश में तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, यहां तक की डेढ़ करोड़ के करीब स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी वैक्सीन लगी है और सभी ठीक हैं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या दोनों डोज एक ही कंपनी की वैक्सीन की लगवानी है?
- डॉ. बलवीर सिंह कहते हैं, 'दोनों वैक्सीन एंटीबॉडी ही बनाएंगी, लेकिन उनके बनाने का तरीका अलग-अलग है। इसलिए जो डोज पहले लगवाई है, उसी कंपनी की दूसरी डोज लगवाएं, क्योंकि दोनों डोज मिलकर एंटीबॉडी बनाएंगी। कोवैक्सीन में वायरस को इनएक्टिव करके बनाया गया है, जबकि कोविशील्ड में स्पाइक प्रोटीन से बनाया गया है।'