भारत में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान का आज छठा दिन है। इस दौरान देशभर में अब तक आठ लाख छह हजार लोगों को टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान एक लाख 31 हजार 649 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। हालांकि कुछ जगहों पर टीके के कुछ साइड-इफेक्ट भी देखे गए हैं, जो बेहद आम हैं, लेकिन कुछ लोगों में इसको लेकर झिझक भी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार को लोगों की झिझक दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कोवि़ड-19 के ताबूत में टीकाकरण अंतिम कील साबित होगा। हालांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से टीकाकरण के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं। इससे लोगों के एक छोटे समूह में वैक्सीन को लेकर झिझक पैदा हो गई है।
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भारत में कोरोना वैक्सीन लगवाने से कुछ लोग झिझक क्यों रहे हैं? स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया
Thu, 21 Jan 2021 01:36 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 21 Jan 2021 01:36 PM IST
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भारत में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : PTI
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भारत में कोरोना टीकाकरण
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'सरकार नहीं चाहती है कि ऐसे लोग वैक्सीन लेने से हिचकिचा रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह कोई नुकसान हो। हमारे डॉक्टरों की तरह सभी को समान सुरक्षा मिलनी चाहिए। संदेश स्पष्ट है कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। प्रतिकूल घटनाएं या साइड-इफेक्ट आम हैं और ऐसा किसी भी तरह के टीकाकरण के बाद देखा जा सकता है।'
भारत में कोरोना टीकाकरण
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कोविड-19 टीका लगने के बाद ऐसे लक्षण होना आम बात है
- मामूली दर्द
- चक्कर आना
- पसीना, भारीपन
- लाल चकत्ते
- इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन
- हल्का बुखार
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कोवैक्सीन
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क्या स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' सुरक्षित है?
- चूंकि पिछले कुछ दिनों से स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन की प्रभावकारिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसपर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग विभाग के निदेशक और वैज्ञानिक डॉ. समीरन पांडा कहते हैं, 'रात दिन की मेहनत के साथ तैयार हुए टीके की प्रभावकारिता और सुरक्षा पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। वैज्ञानिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही कोवैक्सीन को लॉन्च किया गया।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
देश के शीर्ष विशेषज्ञों ने भी लगवाया है टीका
- दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एन. एन. माथुर भी कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। वो कहते हैं, 'कोरोना टीकाकरण के पहले दिन मैंने वैक्सीन की पहली खुराक ली है और मुझे किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं हुआ। मैंने तुरंत ही काम करना शुरू कर दिया।' इनके अलावा सफदरजंग अस्पताल के स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. आर्या भी वैक्सीन ले चुके हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैंने टीका लगवाया है और मुझे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। मैं बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा हूं।'