देश में टीकाकरण अभियान के बीच अब सक्रिय मामलों की संख्या डेढ़ लाख से भी कम हो गई है और कोविड से होने वाली प्रतिदिन औसत मृत्यु की दर भी पिछले हफ्ते सिर्फ 92 रही। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दी। उन्होंने बताया कि देश में अब तक एक करोड़ 17 लाख 54 हजार से भी अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इसमें एक करोड़ चार लाख से अधिक लोगों को पहली खुराक और 12 लाख 61 हजार से अधिक लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है। अभी बच्चों को टीका नहीं लगाया जा रहा है। ऐसे में यह जानना बेहद ही जरूरी हो जाता है कि आखिर इस समय बच्चों को लेकर किस प्रकार की सावधानी रखनी चाहिए? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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Coronavirus: कोरोना काल में बच्चों को लेकर किस प्रकार की सावधानी है जरूरी? विशेषज्ञ से जानें
Wed, 24 Feb 2021 07:41 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 24 Feb 2021 07:41 AM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या वैक्सीन लेने के बाद कोरोना का संक्रमण नहीं होगा?
- आईएमए अहमदाबाद में विमेन डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष डॉ. मोना देसाई कहती हैं, 'ऐसा नहीं है, वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है, बस फर्क इतना है कि अगर आप दोनों डोज ले चुके हैं तो आपको लक्षण नहीं आएंगे और अगर लक्षण आएंगे भी तो वो इतने हल्के होंगे कि घर पर ही साधारण दवाइयों से ठीक हो जाएंगे। आपको फेफड़ों से संबंधी बीमारी नहीं होगी और अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ेगा।'
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वैक्सीन लगवाने में आपका अनुभव कैसा रहा?
- डॉ. मोना देसाई कहती हैं, 'सौभाग्यवश मैं गुजरात में वैक्सीन लेने वाली पहली महिला हूं। 16 जनवरी को मैंने राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में वैक्सीन लगवाई। दूसरी डोज भी फरवरी माह में पूरी हो गई। पहली डोज के बाद मुझे हल्का सा बुखार और बदन दर्द महसूस हुआ था और जिस जगह पर वैक्सीन लगी, वहां थोड़ा दर्द रहा। बाकी कोई भी साइड-इफेक्ट नहीं हुआ।'
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क्या कोरोना पॉजिटिव मां अपने नवजात बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं?
- डॉ. मोना देसाई कहती हैं, 'जी हां बिल्कुल, अगर कोई महिला स्तनपान करा रही है और वो कोरोना पॉजिटिव हो जाती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरस कॉन्ट्राइंडीकेटेड नहीं है, यानी ब्रेस्ट फीडिंग कराते वक्त बच्चे में वायरस नहीं जाएगा। बस इतना ध्यान रखना है कि बच्चे को गोद में लेते वक्त मास्क लगाया हो और ग्लव्स पहने हों। एक बात और, अगर गर्भवती महिला भी कोविड पॉजिटिव हो जाती है, तो भी जरूरी नहीं है कि गर्भ में पल रहा बच्चा भी संक्रमित हो।'
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इस समय बच्चों को लेकर किस प्रकार की सावधानी रखनी है?
- डॉ. मोना देसाई कहती हैं, 'बड़ों के मुकाबले छोटे बच्चों को कोरोना का संक्रमण जल्दी होता है और उनमें वायरल लोड बड़ों के मुकाबले ज्यादा होता है, लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। वो संक्रमित होकर ठीक भी हो जाते हैं, उन्हें न बुखार आता है, न सर्दी-जुकाम और न डायरिया। लक्षण नहीं होने के चलते वो सबके करीब आते-जाते रहते हैं और देखते ही देखते संक्रमित बच्चे सुपर स्प्रेडर बन जाते हैं। इसलिए अगर घर में कोई कोरोना पॉजिटिव है तो घर के बच्चों का भी टेस्ट जरूर करवाएं। बच्चे का भी उपचार कराने की जरूरत है।'