डॉ मधुर जैन
हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजिस्ट
Medically Reviewed by Dr. Madhur Jain
देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि, हर दिन कोरोना को मात देकर घर लौटने वाले मरीजों की संख्या भी अच्छी-खासी है। लेकिन इन लोगों में कई तरह की दिक्कतें भी देखी जा रही है। ऐसे में पोस्ट कोविड के लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल भी न करें। लोगों को ठीक होने के बाद थकान के अलावा कुछ और भी ऐसी तकलीफ हैं, जो हो रही हैं। तो चलिए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जिनके दिखते ही आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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धड़कना का बढ़ना
- वैसे तो जब हम सामान्य होते हैं, तब हमें अपनी धड़कन उतनी महसूस नहीं होती। जबकि कोरोना से ठीक होने के बाद कई लोगों की धड़कन तेज हो जाती है और वो लोग अपनी धड़कनों को आसानी से महसूस कर पाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ये एक लक्षण है जो बताता है कि आपका दिल कमजोर हो सकता है। ऐसे में आपको ऑक्सीमीटर से अपनी धड़कन को मापना चाहिए और इसको 60-100 के बीच होना चाहिए। अगर ये कम या ज्यादा है, तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
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सीने में दर्द
- अगर आपके सीने में किसी तरह का कोई दर्द हो रहा है, तो इसे हल्के में लेने की भूल न करें। ये दर्द हार्ट की कमजोरी से भी हो सकता है। कोरोना हमारे फेफड़ों और शरीर के दूसरे अन्य अंगों को प्रभावित कर रहा है, जिस वजह से सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। इस वायरस की वजह से हार्ट में किसी भी तरह का संक्रमण पैदा हो सकता है और कई बार तो मरीज के ठीक होने के बाद इसके लक्षण दिख सकते हैं। इसलिए आपको इसको लेकर सावधान रहना चाहिए।
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सांस लेने में दिक्कत
- आप कोरोना से ठीक हो चुके हैं, लेकिन फिर आपको अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहना चाहिए। कई बार बाद में जब इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं, तब इसका असर आपके दिल पर पड़ सकता है और फिर सांस लेने जैसी दिक्कतें होती हैं।
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थकान और कमजोरी भी है समस्या
- यही नहीं, अगर आप कोरोना को मात देकर आए हैं और आपको थकान या फिर कमजोरी महसूस हो रही है, तो आपका दिल भी कमजोर हो सकता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि हमारा दिल पूरे शरीर में रक्त प्रवाह करता है, लेकिन जब ये कमजोर हो जाता है तो रक्त प्रवाह के चलने में ज्यादा समय लगता है। इसके कारण ज्यादा थकान महसूस होती है।
नोट:
डॉ मधुर जैन उजाला सिग्नस अस्पताल, रेवाड़ी में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट हैं। इन्होंने तंजावुर मेडिकल कॉलेज, द तमिलनाडु डॉक्टर एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसी के साथ डॉक्टर जैन ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन से डी.एन.बी मेडिसिन और डी.एन.बी कार्डियोलॉजी किया है। इनके पास एम्स, वी.एम. एम. सी. सी और सफदरजंग अस्पताल सहित कई अस्पतालों में काम करने का 10 सालों से ज़्यादा का अनुभव है। डॉक्टर मधुर जैन के पास शरीर रचना विज्ञान, ईसीजी और प्रसूति, और स्त्री रोग में संमान का प्रमाण पत्र भी है।
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