कोरोना वायरस महामारी ने हर किसी को परेशान कर रखा है। पिछले डेढ़ साल से ज्यादा समय से ये वायरस हमारे बीच है, जिसकी वजह से लोग सिर्फ संक्रमित ही नहीं हो रहे बल्कि हर रोज कई लोगों की जान ये वायरस ले रहा है। हालांकि, अब दुनिया के पास कई तरह की वैक्सीन मौजूद हैं और काफी तेजी से लोगों का टीकाकरण भी किया जा रहा है। लेकिन इन सबके बीच चिंता कोरोना के बदलते वैरिएंट यानी रूप ने पैदा कर दी है। कोरोना समय-समय पर अपना रूप बदल लेता है, जिसकी वजह से ये और भी खतरनाक हो जाता है। वहीं, ये सवाल भी खड़ा होने लगता है कि क्या मौजूदा वैक्सीन इस नए वैरिएंट पर असरदार होगी? फिलहाल, कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने हर किसी की चिंता को बढ़ा रखा है। हालांकि, फाइजर की वैक्सीन को इस पर काफी हद तक असरदार बताया जा रहा है, लेकिन 3 ऐसी गलतियां हैं जो इस वायरस को फैला सकती हैं। तो चलिए इन सब बातों को विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।
डेल्टा वैरिएंट: फाइजर की वैक्सीन कितनी कारगर? जानिए किन 3 गलतियों से ये वायरस ले सकता है खतरनाक रूप
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डेल्टा वैरिएंट पर फाइजर कितनी असरदार?
- दरअसल, कोरोना के अब तक कई वैरिएंट सामने आ चुके हैं, जिसमे से एक नया वैरिएंट है डेल्टा। वहीं, बात अगर इस पर फाइजर वैक्सीन के असर की करें, तो ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि फाइजर की वैक्सीन इस डेल्टा वैरिएंट से होने वाले संक्रमण से बचाने में 88 फीसदी तक असरदार है।
सभी वैरिएंट पर इतनी असरदार
- वहीं, इस्त्राइल में कोरोना के सभी वैरिएंट पर फाइजर की वैक्सीन 64 फीसदी असरदार है। इसकी जानकारी यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई। हालांकि, मई में इसी टीके के असर को 95 फीसदी बताया गया था।
इन वजहों से खतरनाक रूप ले सकता है डेल्टा वैरिएंट, पहुंचा सकता है नुकसान:-
1. मास्क को लेकर लापरवाही करने से
- कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से बचना है, तो हर किसी को मास्क जरूर पहनना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी को आगाह किया है कि कोरोना का बेहद संक्रामक रूप डेल्टा वैरिएंट आने वाले महीनों में पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का सबसे हावी स्वरूप बन जाएगा। ऐसे में हर किसी को इससे बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए।
2. वैक्सीन न लगावने पर
- डब्ल्यूएचओ से लेकर विशेषज्ञ तक इस बात को साफ कर चुके हैं कि कोरोना से बचाव के लिए हर किसी को अपनी बारी आने पर कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार भी है। वहीं, डब्ल्यूएचओ के महाानिदेशक टेड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बीते दिनों कहा था कि, कोरोना के अब तक जितने भी वैरिएंट सामने आए, उनमें डेल्टा सबसे अधिक संक्रामक है। वहीं ये उन लोगों में तेजी से फैला रहा है जिन्हें कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी है।