Coronavirus: क्या कोरोना के इलाज में कारगर नहीं है प्लाज्मा थेरेपी? आईसीएमआर ने बताई पूरी सच्चाई

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 23 Oct 2020 12:13 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
1 of 6
विज्ञापन
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी को लेकर किए गए क्लिनिकल ट्रायल से पता चला है कि यह कोविड-19 के मरीजों के लिए ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई है। ऐसे में इसे कोविड-19 के इलाज के लिए बनाई गयी गाइडलाइन्स से हटाए जाने पर विचार किया जा रहा है। आईसीएमआर सरकार की बॉयो-मेडिकल शोध एजेंसी है। आईसीएमआर ने सितंबर के महीने में देश के 39 अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के 464 मरीजों पर अध्ययन किया और पाया कि प्लाज्मा थेरेपी ने कोविड से लड़ने में मदद नहीं की।  

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि इस बात पर भी चर्चा चल रही है कि क्या क्लिनिकल मैनेजमेंट गाइडलाइन्स से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और रेमडेसिवियर को भी हटाया जाना चाहिए या इन्हें शामिल रखना चाहिए, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की सॉलीडेरिटी ट्रायल में चार दवाएं- हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, रेमडेसिवियर, इंटरफेरॉन-बी और लॉपिनावियर कोविड-19 के मरीजों के इलाज में बहुत कारगर साबित नहीं हुई हैं।  
प्रतीकात्मक तस्वीर
2 of 6
आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव का कहना है, 'प्लाज्मा थेरेपी पर एक बड़ा ट्रायल किया गया है। इस पर नेशनल टास्क फोर्स से विचार किया गया और साथ ही एक संयुक्त निगरानी समूह से भी इस पर चर्चा की जा रही है। इसे नेशनल गाइडलाइन्स से हटाया जा सकता है। इस पर चर्चा चल रही है।' 



हालांकि आईसीएमआर के इस बयान के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि इस थेरेपी ने ही कोरोना वायरस से उनकी जान बचाई है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में इसका फायदा होता दिख रहा है और अब तक 2000 से ज्यादा लोगों को प्लाज्मा बैंक के जरिए प्लाज्मा दिया गया है और कइयों ने खुद प्लाज्मा का इंतजाम किया। प्लाज्मा थेरेपी प्रभावी नहीं है, ऐसा कहना गलत होगा।' 
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस
3 of 6
दिल्ली सरकार ने इसी साल जून के महीने में देश का सबसे पहला प्लाज्मा बैंक खोला था और कहा था कि इस थेरेपी से कोरोना से होने वाली मौत में कमी आएगी। साथ ही लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील भी की थी। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के प्रमुख डॉ ओपी यादव का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी को लेकर आईसीएमआर और दिल्ली सरकार की तरफ से अलग-अलग बातें कहीं जा रही हैं। कहीं न कहीं इसमें एक राजनीति भी नजर आती है लेकिन इसे तकनीकी बिंदु से भी देखा जाना चाहिए। 
प्रतीकात्मक तस्वीर
4 of 6
वे कहते हैं, 'किसी भी कोविड-19 के मरीज को प्लाज्मा थेरेपी 72 घंटों में दी जानी चाहिए और अगर इसे छह या सात दिन बाद दिया जाता है तो इसका फायदा नहीं होता है। सही चीज सही समय पर इस्तेमाल की जाए तो इसकी उपयोगिता हो सकती है। एक हाई न्यूट्रालाइजिंग एंटीबॉडी प्लाज्मा वाले डोनर से मरीज को जल्द फायदा मिल सकता है और वो उसके लिए एक तरह से पैसिव इम्यूनिटी या प्रतिरोधक क्षमता बना देता है। लेकिन अगर कोई लो न्यूट्रालाइजिंग एंटीबॉडी वाला डोनर है तो उससे मरीज को फायदा नहीं होगा।' 
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
5 of 6
लेकिन वे ये भी बताते हैं कि प्लाज्मा थेरेपी से एलर्जी-रिएक्शन होने की भी आशंका हो सकती है। ट्रांसफ्यूजन से संबंधित लंग-इन्जरी हो सकती है। शरीर में दाने आ सकते हैं और अगर अगली बार आपका ब्लड ट्रांसफ्यूजन हो तो बॉडी रिएक्ट भी कर सकती है। दरअसल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बहुत गंभीर माना जाता है और इसके नुकसान भी होते हैं। 

उनके अनुसार जब ये वायरस आया उन दवाओं को दिया जाने लगा जो कारगर साबित होती लग रही थीं और उन्हें इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन के तहत इस्तेमाल किया गया था। इसी में एक कोशिश प्लाज्मा बैंक भी था, लेकिन अब हम देख रहे है कि सोलिडेरिटी ट्रायल के तहत चार दवाई हटाई जा रही है, तो ऐसे में जब उस समय जितनी जानकारी थी वैसे ही कदम उठाए जा रहे थे। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00