देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोरोना से एक लाख 26 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों को देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे संक्रमितों की यह संख्या शायद और भी बढ़ सकती है। एक समय ऐसा आया था, जब लग रहा था कि देश से कोरोना अब खत्म हो रहा है, लेकिन अचानक आई इसकी दूसरी लहर और भी संक्रामक हो गई है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना की इस दूसरी लहर से संक्रमण के नए लक्षणों के बारे में और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
कोरोना की दूसरी लहर: संक्रमण से बचने के लिए करें ये काम, इन नए लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
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कोरोना के नए लक्षणों के बारे में जानने से पहले बेहतर है कि इसके पुराने लक्षणों के बारे में भी जान लिया जाए, क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर में भी कई लोगों में पुराने लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, स्वाद और गंध न पता चलना, सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना आदि कोरोना के पुराने लक्षणों में शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के इंदौर में कोविड कॉन्टैक्ट ट्रैकिंग प्रभारी डॉ. अनिल डोंगरे ने भी अमर उजाला से खास बातचीत में बताया है कि पिछले साल सितंबर-अक्तूबर तक आमतौर पर बुखार, जुकाम, स्वाद और गंध का न पता चलना और सांस लेने में तकलीफ आदि को कोरोना का संभावित लक्षण माना जा रहा था, लेकिन अब कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में इसके लक्षणों में भी कुछ बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
कोरोना के नए लक्षण क्या हो सकते हैं?
- डॉ. अनिल डोंगरे ने बताया कि स्वाद और सुगंध चले जाने की दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ आदि अब लोगों को काफी देर से महसूस हो रही है, उससे पहले मरीजों में कमजोरी, थकान, शरीर में दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
डॉ. अनिल डोंगरे ने यह भी बताया कि कोरोना की इस दूसरी लहर में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आपको जल्द ही यह पता चल जाता है कि आप संक्रमित हो चुके हैं तो ज्यादा से ज्यादा आराम करें, क्योंकि सामान्य तौर पर इससे भी लाभ मिल सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि अगर आप थोड़ा सा भी स्वस्थ महसूस करने लगें, तो लापरवाही बिल्कुल न बरतें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना टेस्ट कराना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि ऐसा न करके आप दूसरों की जान भी खतरे में डालते हैं।